सुनील गिरी
हापुड। तीर्थ नगरी ब्रजघाट में पलबाडा रोड पर स्थित महामृत्युंजय धाम में गत वर्षाे की भांति इस बार भी महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव बारात व कलश यात्रा का आयोजन हुआ महामृत्युंजय धाम में प्रातः 7 बजे से 10 बजे तक रुद्राभिषेक हुआ के उपरांत 11 बजे से कलशयात्रा प्रारंभ हुई जिसमे 101 महिलाएं सिर पर कलश रखकर गंगाजल लेने हेतु बृजघाट के मुख्य मार्गाे से होती हुई बैंड बाजों के साथ गंगाजी पहुँची कलश यात्रा मे गुरुकुल के छात्र-छात्राए आगे झंडे लेकर चल रहे थे के द्वारा मां गंगा का जल भरकर महामृत्युंजय धाम पर वापसी आई जहां सभी शिव भक्तों ने कलशो के द्वारा लाए गए गंगाजल से भगवान भोले शंकर का जलाभिषेक किया ।महामृत्युंजय धाम के अध्यक्ष विनीत भट्ट एवं उर्मिला भट्ट ने बताया कि महामृत्युंजय धाम में पिछले 4 वर्षों से भगवान शिव की बारात वह कलश यात्रा का आयोजन होता रहा है और अब की बार पांचवी बार महामृत्युंजय धाम पर महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव बारात व कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है व्यवस्थापक ज्ञानेंद्र व्यास ने बताया कि महामृत्युंजय धाम में शिव बारात बारात और कलश यात्रा का आयोजन गत वर्षाे की भांति पांचवी बार किया जा रहा है व्यास जी ने बताया कि अध्यक्ष विनीत भट्ट एवं उर्मिला भट्ट के द्वारा ब्रजघाट तीर्थनगरी में महामृत्युंजय धाम ,गौशाला, और शनिदेव के मंदिर की स्थापना पिछले सालों में की गई थी जिसमें आज महाशिवरात्रि के पर्व पर प्रातः 7रू00 बजे से 10रू00 बजे तक रुद्राभिषेक किया गया के उपरांत 11रू00 बजे बैंड बाजों के साथ धूमधाम से जिसमे गुरुकुल के बच्चे भगवान शिव के ध्वजारोहण लेकर जयकारे लगाते हुए आगे चल रहे थे और तीर्थ नगरी के मुख्य मार्गाे से होते हुए गंगा जी पहुंचे जहां महिलाओं ने 101 कलशो में जल भरकर वापसी महामृत्युंजय धाम पर आए जहां बहादुरगढ, ब्रजघाट, भोगापुर दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, व अन्य स्थानों से आये शिव भक्तों ने कलशो मे लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक किया कार्यक्रम में आचार्य धर्मेंद्र भारद्वाज, व्यवस्थापक ज्ञानेंद्र व्यास, मोहन मिश्रा, संजीव ,बलदेव, चेतन, सुनील गौतम, सोनू ,माला शर्मा, सृष्टि, मधु व्यास, आदि ने पूर्ण सहयोग किया । आचार्य धर्मेंद्र भारद्वाज ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व पर सभी शिव भक्तों के लिए फलाहार जलपान एवं भंडारे का आयोजन किया गया जो पिछले गत वर्षाे की भांति इस वर्ष भी आयोजित किया गया आचार्य ने बताया कि महामृत्युंजय धाम पर भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में शिव भक्तों ने भाग लिया आचार्य ज्ञानेन्द्र व्यास ने बताया कि स्थानीय एवं बाहरी शिव भक्तों का और समिति के पदाधिकारियों का महाशिवरात्रि के पर्व पर विशेष सहयोग रहा।


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