सुनील उपाध्याय
बस्ती। प्राथमिक शिक्षक संघ के आवाहन पर पुरानी पेंशन नीति बहाली सहित 27 मांगों को लेकर शनिवार को जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल के नेतृत्व में धरना देते हुये राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार और प्रभारी बीएसए सन्तोष पाण्डेय के माध्यम से भेजा गया। निर्णय लिया गया कि यदि 20 फरवरी तक जनपद स्तरीय समस्याओं का समाधान न हुआ तो 21 फरवरी से बीएसए कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जायेगा।
धरने को सम्बोधित करते हुये संघ अध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति बहाली की मांग को लेकर प्रदेश में बस्ती से 2018 में सबसे पहले आवाज उठायी जा रही है। यह मांग निर्णय तक पहुंचे इसके लिये शिक्षक समेत सभी कर्मचारी संवर्ग को एकजुटता के साथ आन्दोलन को धार देना होगा।
कहा कि वर्ष 2005 से नयी नियुक्तियों में पेंशन की व्यवस्था समाप्त कर दिये जाने से शिक्षक, अधिकारी और राज्य कर्मचारी स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। अपना पूरा जीवन सेवा काल में खपा देने के बाद पेंशन ही बुढापे का सहारा है। पुरानी पेंशन नीति बहाली की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश समेत समूचे देश में चरणबद्ध ढंग से आन्दोलन चलाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ में अपने निर्णय में कहा है कि पेंशनर को इतना सक्षम होना चाहिये कि वह अपने ऊपर ही आश्रित रहकर स्वयं का सम्मान और जीवन यापन का स्तर प्री रिटायरमेंट वाला ही रहे। संविधान पीठ ने यह भी कहा है कि पेंशन पूर्व सेवाओं का लम्बित वेतन है। वह सेवा योजकों द्वारा दी गई कोई कृपा या भीख नही है। यह कर्मचारी का अधिकार है।
जिला मंत्री शिव कुमार तिवारी ने कहा कि जनपद स्तर पर जूनियर हाई स्कूल में 2015 में पदोन्नित पाने वाले अध्यापकों के वेतन भुगतान, जूनियर हाई स्कूल में प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों पर पदोन्नित करने तथा तीन वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले अध्यापकों के पदोन्नति, अवकाश के दिन में शिक्षकों से कराये गये अन्य कार्यो के बदले उपार्जित अवकाश दिये जाने, मकान किराया भत्ते में आयकर से छूट दिये जाने सहित महत्वपूर्ण मांगो को लेकर संघ की ओर से निरन्तर संघर्ष जारी है। शिक्षक नेता बाल्मीक सिंह ने आवाहन किया कि शिक्षक अपने अधिकारों के लिये स्वंय एकजुट हो वरना एक-एक कर उनके अधिकार छीन लिये जायेंगे। यदि 368 पदोन्नति प्राप्त प्रधानाध्यापकों का वेतन न लगाया गया तो आर-पार का संघर्ष होगा। कोषाध्यक्ष अभय सिंह यादव ने कहा कि शिक्षक अपनी क्षमता को पहचाने, लम्बे संघर्ष के बाद जो अधिकार मिले हैं उन्हें सुरक्षित रखने के लिये सजग रहना होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष आयोजित धरने को राघवेन्द्र सिंह, अभिषेक उपाध्याय, अभय सिंह यादव, शैल शुक्ल, सतीश शंकर शुक्ल, रक्षाराम वर्मा, राजकुमार सिंह, अखिलेश मिश्र, देवेन्द्र वर्मा, इन्द्र्रसेन मिश्र, आनन्द दूबे, अम्बिका पाण्डेय, प्रकुसुम लता, पुष्पलता पाण्डेय, मोद पासवान, राजकुमार तिवारी, राम प्रकाश शुक्ल, विनोद यादव,चन्द्रिका सिंह, शशिकान्त धर दूबे, राजेश चौधरी, उमाशंकर मणि त्रिपाठी, रामलखन वर्मा, आब अली, वसीम अहमद, सन्तोष शुक्ल, सनद कुमार पटेल, विजय प्रकाश चौधरी, बब्बन पाण्डेय, अवनीश तिवारी, महेश, त्रिलोकीनाथ, दिवकर सिंह, अखिलेश तिवारी, ओम प्रकाश पाण्डेय, चन्द्रभान चौरसिया, आदि ने सम्बोधित करते हुये शिक्षक समस्याओं के महत्वपूर्ण विन्दुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बीएसए कार्यालय पर आयोजित धरने में दिनेश वर्मा, सुरेन्द्र सिंह, हसीना खातून, रीता शुक्ला, शायराबानो, मीना कुमारी, पूर्णिमा गौतम, नुजहत बानों, सुधा त्रिपाठी, नेहा यादव, गीता पाण्डेय, इजहारूल हक, मो. सलाम, संदीप सिंह, विष्णुदत्त शुक्ल, शिव प्रकाश पाण्डेय, राकेश मिश्र, सुनील पाण्डेय, कन्हैयालाल यादव, रविन्द्रनाथ, शोभाराम, नरेन्द्र दूबे, शमशुल, मारूफ अहमद, कन्हैयालाल भारती, ओंकार उपाध्याय, ज्ञानदास, आशा, कुसम तिवारी, उर्मिला शुक्ला, सुनैना राय, विमला, वन्दना मिश्र, सुखराज गुप्ता, राजनरायन तिवारी, सुनील पाण्डेय, रविन्द्रनाथ, गिरीश चन्द्र, संजय कुमार, नरेन्द्रदेव दूबे, रामशंकर पाण्डेय, संजीव शर्मा, प्रदीप दूबे के साथ ही अनेक शिक्षक मौजूद रहे।


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