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चीनी मिलों पर गन्ना समितियों का छह करोड़ बकाया


अमरजीत सिंह 
गन्ना कमीशन का भुगतान नहीं होने से सैकड़ों कर्मियों को वेतन के लाले,इनकी होली भी रहेगी फीकी
किसानों को मिलने वाला खाद,दवा,कृषि यंत्र सहित तमाम योजनाओं पर लगा ग्रहण
 फैजाबाद : जिले में स्थित दोनों चीनी मिलों से गन्ना कमीशन भुगतान न होने से गन्ना सहकारी समितियां व परिषद के कर्मचारियों को वेतन भुगतान के लाले पड़ गये हैं जिससे इन कर्मियों का इस बार की होली भी फीकी ही रहेगी इसके अलावा समितियों को कमीशन भुकतान न होने से परिषदों का विकास कार्य ठप हो गया है किसानों को खाद, दवा, कृषि यंत्र के लिए चलाई जाने वाली तमाम योजनाओं पर भी ग्रहण लग गया है ऐसे में तमाम सख्ती के बावजूद भी मिल प्रबंंधन के कानों जूं नहीं रेंग रही है और मौजूदा पेराई सत्र में चीनी मिलों ने कमीशन भुगतान करना मुनासिब नहीं समझा जिले के किसानों का गन्ना क्रय करने वाली प्रमुख रूप से केएम शुगर मिल्स लिमिटेड मसौधा व रौजागांव चीनी मिल हैं दोनों चीनी मिलों में बीते नवंबर माह से पेराई सत्र का शुभारंभ किया गया है लेकिन प्रदेश सरकार की तमाम सख्ती व शासनादेशों का असर इस बार चीनी मिलों पर नहीं दिख रहा है न तो समय से किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान की सुधि ली जा रही है और न ही समितियों का कमीशन भुगतान ही किया जा रहा है प्रदेश में निजाम बदलने के बाद भी अखिलेश सरकार की तर्ज पर 14 दिन पूर्व तक क्रय किए गए गन्ना मूल्य का भुगतान करने व इसी समय समितियों के कमीशन भुगतान कराने के लिए कई सख्त फरमान जारी किया चीनी मिल चलने के शुरुआती दौर में तो गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर चीनी मिलों ने सजगता दिखाते हुए खूब वाहवाही बटोरी,लेकिन कमीशन भुगतान एक पाई भी नहीं किया अब तो किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान भी नहीं किया जा रहा है जिससे किसान भी दर-दर की ठोकरें खा रहा है मवई ब्लॉक क्षेत्र के पूरे अहिबरन गांव निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह की माने तो 26 जनवरी से भुकतान बाकी है साथ ही दोनों चीनी मिलों पर करीब 6.18 करोड़ का समिति कमीशन भी बकाया होने से सैंकड़ों कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ गए हैं गन्ना कमीशन का भुगतान न करने से समितियों व परिषदों पर संकट आ गया है बता दें कि सरकार द्वारा निर्धारित गन्ना मूल्य के एवज में चीनी मिलों को क्रय किए गन्ने पर लगभग 5.1 रूपये के हिसाब से गन्ना कमीशन भुगतान समितिवार करना होता है मसौधा चीनी मिल ने बीते 12 फरवरी तक 68 लाख कुंतल गन्ना क्रय किया है इस प्रकार से मसौधा चीनी मिल पर 345.80 लाख, रौजागांव चीनी मिल के क्रय किए गए 53.14 लाख कुंतल गन्ने के सापेक्ष 271.01 लाख, कुल 618.00 लाख रुपये का भुगतान करना था जिसके सापेक्ष अभी तक किसी चीनी मिल ने गन्ना कमीशन का भुगतान नहीं किया है।  कमीशन से प्राप्त इस धन का 75 प्रतिशत गन्ना समितियों को, शेष 25 प्रतिशत का भुगतान गन्ना विकास परिषद को किया जाता है इसी धन से समिति व परिषदों के कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है, समस्त देनदारियों का भुगतान किया जाता है, कृषि यंत्र, खाद, दवा आदि अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन अभी तक भुगतान न होने से लगभग चार माह से इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सका है जिससे इनका परिवार भी भुखमरी के कगार पर है, साथ ही समितियां भी कंगाल हो चुकी हैं, जिससे इनके दैनिक क्रियाकलाप भी प्रभावित हो रहे हैं मसौधा चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक गन्ना डॉ ए0के0 त्रिपाठी ने बताया कि चीनी के गिरते दामों के कारण चीनी मिल की स्थिति डगमगा गई है कमीशन में छूट के लिए शासन से मांग की गई है स्थिति में सुधार होते ही भुगतान किया जाएगा इस बावत रौजागाव चीनी मिल के अंतर्गत गनौली गन्ना समिति के सचिव दीपक वर्मा ने बताया कि कमीशन की धनराशि न मिलने समिति के कर्मियों के शंकट खड़ा हो गया है नवम्बर माह से इन कर्मियों को वेतन नही मिल पाया है मिल प्रबंधन भी कुछ स्पष्ट बताने की स्थित में नही है वही इस समिति के चेयरमैन महाराज बख्स सिंह ने बताया कि कुल 26.38 कुन्तल पिराई के सापेक्ष 1.34 लाख के समिति का कमीशन धनराशि बकाया है समिति में कुल 48 कर्मी विगत तीन माह से बिना वेतन के जीवन यापन करने को मजबूर है इस बावत जिला गन्नाधिकारी हेमराज सिंह ने बताया कमीशन भुगतान न होने से अनेक समस्यायें आ रही हैं समय से गन्ना मूल्य व कमीशन भुगतान के लिए चीनी मिल प्रबंधतंत्र को कड़े निर्देश दिए गए हैं शीघ्र ही भुगतान नहीं होगा तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

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