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| बकरी चोरी भागे बदमाशों द्वारा छोड़ी गई मोटरसाइकिल |
बकरी चोरी कर भाग रहे अपराधियों को ग्रामीणों ने दौड़ाया
बकरी लेकर गन्ने के खेत में घुसे बदमाश, घंटों बाद मौके पर पहुंची पुलिस
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। बकरी चोरी कर भाग रहे बाइक सवार दो बदमाशों को ग्रामीणों ने दौड़ा लिया। इस पर वे मोटरसाइकिल छोड़ दिए और बकरी लेकर गन्ने के खेत में घुस गए। इसकी सूचना इलाकाई पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के कई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक बदमाश फरार हो गए। बकरी चोरी करने वाले शातिर अपराधी हैं, जो लूट जैसी संगीन वारदातों में वांछित बताए जाते हैं। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है। हद तो यह है कि मोतीगंज पुलिस ने इस घटना को ही हजम कर जाने की कोशिश की। थाने के दीवान ने पत्रकारों को इस बाबत जानकारी देने से ही मना कर दिया। दूसरी तरफ थानाध्यक्ष ने कहा कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा बकरी चोरी कर ले जाने की तहरीर मिली है, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
घटना जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के बेहड़वा गांव की है। बताते हैं कि सोमवार को सुबह करीब 10 बजे दलित गूंगे की लड़की गांव के पास ही सड़क किनारे बकरी चरा रही थी। वहां से गुजर रहे एक बाइक पर सवार दो लोगों ने एक बकरी पकड़ ली और मोटरसाइकिल पर लादने लगे। यह देखकर गूंगे की लड़की जोर जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़े। इस पर चोर बाइक छोड़ दिए और बकरी लेकर गन्ने के खेत में घुस गए। ग्रामीणों के मुताबिक इस घटना की सूचना मोतीगंज पुलिस को दी गई, लेकिन सूचना के कई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक बकरी चोर फरार हो गए।
घटना जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के बेहड़वा गांव की है। बताते हैं कि सोमवार को सुबह करीब 10 बजे दलित गूंगे की लड़की गांव के पास ही सड़क किनारे बकरी चरा रही थी। वहां से गुजर रहे एक बाइक पर सवार दो लोगों ने एक बकरी पकड़ ली और मोटरसाइकिल पर लादने लगे। यह देखकर गूंगे की लड़की जोर जोर से चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़े। इस पर चोर बाइक छोड़ दिए और बकरी लेकर गन्ने के खेत में घुस गए। ग्रामीणों के मुताबिक इस घटना की सूचना मोतीगंज पुलिस को दी गई, लेकिन सूचना के कई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक बकरी चोर फरार हो गए।
बाइक छोड़ बकरी लेकर भागने की अजीबो-गरीब घटना की जानकारी मिलने पर पत्रकारों ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी। इस सम्बंध में जब मोतीगंज थाने के दीवान से बात की गई गई तो उसने कहा कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी उसे नहीं है। इतना ही नहीं, दीवान तो तहरीर मिलने की बात को ही डकार गया, जबकि इस बाबत मीडिया के पास पूरी जानकारी थी। इस घटना के सम्बंध में सिपाही से लेकर दरोगा तक मुंह बंद किए नज़र आए। इससे यह साफ जाहिर हो गया कि पुलिस वालों की इस रहस्यमय खामोशी के पीछे जरूर कोई बड़ी बात है। इसके बाद पत्रकारों ने घटनास्थल का दौरा किया जहां ग्रामीणों ने पहले तो कुछ भी बताने में आनाकानी की, लेकिन नाम गोपनीय रखने के भरोसे पर वे मुंह खोले। बताया गया कि गूंगे ने जब दो लोगों को नामजद करते हुए थाने पर तहरीर दी तो पुलिस ने उसे न लेकर अपने मनमाफिक तहरीर लिखवाई और उसी के आधार पर केस भी दर्ज किया। पड़ताल में जो तथ्य सामने आया वह पैरों तले जमीन खिसकाने के लिए काफी है। सूत्रों के अनुसार बकरी चोरी कर भागने वाले जिन दो लोगों को मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने देखा वे कोई मामूली चोर नहीं, बल्कि शातिर अपराधी हैं जो कई आपराधिक मामलों में वांछित बताए जाते हैं। इनमें एक की पहचान अर्जुन सिंह पुत्र हरिश्चंद्र निवासी बेनीपुर थाना मोतीगंज तथा दूसरा बाथे वर्मा पुत्र रामफेर निवासी मलारी थाना कोतवाली देहात के रूप में की गई। बताते हैं कि ये दोनों शातिर अपराधी हैं। इनके विरूद्ध अलग अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनके तार बाइक लिफ्टर गैंग से भी जुड़े बताए जाते हैं। हालांकि इससे मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्रा साफ इंकार करते हैं। उनका कहना है कि बकरी चोरी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। वहां मिली टीवीएस स्पोर्ट मोटरसाइकिल नम्बर यूपी 43 एसी 4134 कब्जे में लेकर थाने पर ले आई गयी है। इस सम्बंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर अज्ञात बकरी चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।


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