अमरजीत सिंह
फैज़ाबाद:राज्य सरकार के लगभग सभी दावे फैजाबाद जिले में खोखले नजर आ रहे है ताजा मामला पीएचसी बड़ागॉव मे देखने को मिला जहा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बैरंग वापस आना पड़ता है अस्पताल में स्थितआप्रेशन थिएटर इमरजंसी रूम व वार्ड का वर्षो से ताला नही खुला है यहाँ पर तैनात एक मात्र डॉक्टर इंद्र भूषण जायसवाल 4 माह की छुट्टी के बाद वापस लौटें हैं शीघ्र ही एम एस कोर्स के लिए 3 वर्ष की लंवी छुट्टी पर जाना है डॉक्टर जायसवाल ने बताया कि हमें हफ्ते में 2 दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहवाल पर भी डियूटी करनी पड़ती है ऐसे में अस्पताल फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय के सहारे चलता है दवांए भी विभाग द्वारा कम मात्रा में व सतही दवाएँ दी जाती हैं जिससे मजबूरन मरीजों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है पत्रकारों के द्वारा आज दिनांक-13/03/2018 को दिन में 12 बजे अस्पताल का जायजा लेने पर मौके पर फार्मास्टिक अर्चना श्रीवास्तव चौकी दार दयाराम अनुपस्थित मिले वार्ड बॉय अनिल मरीजों को दवा देते मिले आकस्मिक कक्ष का प्रयोग न होने के बारे में डॉक्टर जायसवाल ने बताया कि अस्पताल समय में तो आकाश्मिक मरीजों का इलाज हो जाता है पर भर्ती करने हेतु संसाधनों का आभाव होने की वजह से मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है उन्होंने बताया कि इस अस्पताल में 4 डॉक्टरों की तैनाती के बाद पूर्ण कालिक इलाज संम्भव है वरिष्ठ सपा नेता अनूप सिंह व जुनैद आलम ने सीएमओ से इस अस्पताल में डॉक्टर व सुबिधाएं बढ़ाने की मांग की है जिससे मरीजों का समुचित इलाज हो सके


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