वासुदेव यादव
भरतकुंड। फैजाबाद:श्री राम जानकी मंदिर के प्रांगण में संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा व अन्य धार्मिक अनुष्ठान चलने से पूरा क्षेत्र भक्तिमय प्रतीत हो रहा है । इससे पूर्व सुबह मंदिर के प्रांगण में महंत बिंदुग्दाचार्यस्वामी देवेंद्र प्रसादचार्य व संत कृपालु राम भूषण दास जी महाराज के संयोजन में विविध धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं।
यहां कथा सुनने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने हेतु भक्तगण शिष्यगण बहुत दूर दूर से आए है और अपने जीवन को धन्य कर रहे हैं।
यहां पर देर शाम कथा के दौरान वृंदावन से पधारे कथा व्यास डॉक्टर श्याम सुंदर पाराशर ने कहा कि स्वर्ग में भोग संपदाएं हैं लेकिन वहां भगवान की कथा नहीं है । कथा सुधा तो केवल भारत में ही है स्वर्ग में नहीं है । साधु संत वैष्णो कथा यश के दर्शन स्वर्ग में नहीं होते । इस भारत भूमि में जन्म लेने को स्वर्ग के देवता भी लालायित रहते हैं। भारत में नृत्त कथा प्रवचन यज्ञ धार्मिक अनुष्ठान के दर्शन होते हैं। भगवान खुद ही उत्सव के विग्रह हैं । भगवान सच्चिदानंद है रामजी रामकृष्ण जी दोनों ही सच्चिदानंद हैं । लीला करने में भगवान निपुण हैं भगवान को वही जान सकता है जिसे वे जानते हैं । सास्त्र समुद्र और संत मेधा मंडल हैं संत धन है जो शास्त्रों से जल भरकर मेघ के माध्यम से अपने प्रवचनों के द्वारा वर्ष करते है। संतो के वचन करोड़ों सूर्य के समान प्रकाश मान हैं चिंतामणि एवं कल्पवृक्ष सब कुछ दे सकते हैं । परंतु भगवान का दर्शन कराने का सामर्थ उसमें नहीं है या समर्थ तो केवल गुरुदेव में ही है। कथामृत समस्त पापों को धो डालता है। जीव को नीचे से ऊपर उठाता है और स्वर्ग सुधा मृत ऊपर से नीचे गिराता है। भगवान से जो नाम रूप लीला धाम के माध्यम से जुड़े रहते हैं। वैभव और जो दूर रहते हैं वे भक्त रहते हैं ।
इस अवसर पर कथा व्यास पीठ की यजमानों ने आरती उतारी। कथा में रसिक पीठाधीश्वर महंत जनमेजय शरण महंत अवधेश दास महंत रामशरण दास महन्त अयोध्या दास महंत राम टहल शरण वेदांती महंत सियाराम शरण नागा राम लखन दास महंत रामशरण दास महंत राम छबीले दास मिथिला बिहारी दास राजेंद्र दास पंडित विष्णु प्रसाद नायक पंडित विष्णु देवाचार्य एवं रामजीदास शिवपुजन सिंह, गुरुचरण यादव
आदि शामिल रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ