शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। जनपद के लालगंज वानिकी प्रशिक्षण केंद्र के सभागार मे गुरूवार को गंगा हरितिमा अभियान के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुये प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक प्रशिक्षण पवन कुमार ने कहा कि गंगा संरक्षण राष्ट्र की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होनें गंगा ग्राम के प्रधानों एवं प्रगतिशील कृषक मास्टर ट्रेनर से संवाद करते हुये कहा कि गंगा की तटीय क्षेत्रों का क्षरण रोकने हेतु पौध रोपण की वृहद आवश्यकता है। मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एके अवस्थी ने गंगा की निर्मलता को वन्य प्राणियों के दीर्घजीवी का द्योतक ठहराया। इलाहाबाद जोन के मुख्य वन संरक्षक कमलेश कुमार ने कहा कि वृक्षारोपण के जरिये गंगा सेवक पुरस्कार योजना वृहद जन सहभागिता सुनिश्चित करने मे हमें सार्थक सफलता दे सकेगी। आजमगढ़ के वन संरक्षक आरपी झा ने कहा कि गंगा की निर्मलता जनसहभागिता से ही संभव है। वहीं मिर्जापुर के वन संरक्षक प्रभाकर दुबे ने गंगा की निर्मलता व स्वच्छता को गांव के समग्र विकास का मूल ठहराया। वाराणसी के वन संरक्षक केके पाण्डेय ने कार्यशाला के जरिये गंगा के अनाम प्रहरियों को इस मिशन मे आगे ले आने की भूमिका पर जोर दिया। कार्यशाला का संयोजन करते हुये जिले के प्रभागीय निदेशक वाईपी शुक्ला ने दोनों तटीय क्षेत्रो मे साफ सफाई के साथ मृदा संरक्षण एवं जैविक खेती की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला मे विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी गंगा की निर्मलता एवं अविरल गंगा के संकल्प मे सहभागिता पर जोर दिया। प्रशिक्षण केंद्र के वन क्षेत्राधिकारी राजेश निगम ने स्वागत भाषण व स्थानीय रेंजर विजयशंकर द्विवेदी ने आभार जताया। इस मौके पर राजेश प्रभाकर, सर्वेश मिश्रा, आरके सिंह, संजय पाण्डेय आदि रहे।


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