देवीपाटन मंदिर पर पहुंची आज नेपाल से सिद्ध रतन नाथ की शोभायात्रा,हजारों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का किया जोरदार स्वागत
अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर । चैत्र नवरात्र के पांचवे दिन आज स्कंदमाता के रूप की पूजा देवी मंदिरों में की जा रही है । शक्तिपीठ देवीपाटन में भी आज स्कंदमाता के रूप की पूजा पूरे विधि विधान के साथ की गई । जनपद बलरामपुर के तहसील तुलसीपुर के देवीपाटन ग्राम में स्थित 51 शक्तिपीठों में एक मां पाटेश्वरी देवी का मंदिर स्थित है । वर्ष में पड़ने वाले शरद नवरात्र तथा चैत्र नवरात्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए यहां जुड़ती है । चैत्र नवरात्र के पंचमी के दिन माता पाटेश्वरी के अनन्य भक्त सिद्ध रतननाथ नेपाल से आकर के यहां पूजन अर्चन किया करते थे । यह परंपरा कई सौ वर्षों से लगातार जारी है । सिद्ध रतननाथ नेपाल राष्ट्र के दांग जिले के चौखड़ा नामक स्थान पर रहते थे और आदिकाल में दांग के राजा रतन परीक्षित नाम से विख्यात थे । मां की कृपा तथा गोरखनाथ जी के संपर्क में आने के बाद उन्होंने अपना राजपाट छोड़कर मां पाटेश्वरी की सेवा करनी शुरू की और लगातार बरसों तक सेवा करते रहें । इसके बाद मां पाटेश्वरी ने उन्हें वरदान दिया कि चैत्र नवरात्र मे पंचमी से एकादशी तक मंदिर में उन्हीं के द्वारा पूजन-अर्चन होगा अन्य किसी के द्वारा पूजन स्वीकार नहीं किया जाएगा । मां पाटेश्वरी ने उन्हें एक अक्षय पात्र भी दिया जिसे लेकर उनके उत्तराधिकारी नेपाल से प्रत्येक वर्ष चैत्र नवरात्रि के पंचमी को देवीपाटन आते हैं और पूरा पूजन-अर्चन का कार्य अपने द्वारा करके परंपरा का लगातार निर्वहन कर रहे हैं । नेपाल से भारत आने पर यहां के लोगों द्वारा सिद्ध रतन नाथ जी की शोभायात्रा का भव्य स्वागत भी किया जाता है और इस यात्रा में हजारों की संख्या में लोग सम्मिलित होते हैं । आज भी पूरा नगर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा दिखाई दिया तथा लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा में शामिल नेपाल से आए सिद्ध रतननाथ के प्रतिनिधियों व संतों का जोरदार स्वागत किया । शोभा यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे । उप जिलाधिकारी तुलसीपुर सतीश त्रिपाठी प्रभारी निरीक्षक एसके त्रिपाठी के साथ सुरक्षा की अगुवाई कर रहे थे । यहां यह भी बताना जरूरी है कि भारत और नेपाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए यह धार्मिक परंपराएं काफी महत्वपूर्ण कड़ी के रुप में विद्यमान हैं । देवीपाटन दर्शन के लिए नेपाल व रूस राष्ट्र से तमाम श्रद्धालु नवरात्र में पहुंचते हैं । इसके अलावा देश के विभिन्न प्रांतों तथा जनपदों से लोग चलकर यहां पहुंचते हैं और मां का दर्शन कर अपने मनोवांछित फल की प्राप्ति भी करते हैं । लोगों का मानना है कि जो भी मन्नतें यहां पर मांगी जाती हैं उसे मां पाटेश्वरी अवश्य पूरा करती हैं । देवीपाटन के महंत व संरक्षक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं और इसीलिए इस वर्ष मेले की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है । कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नवरात्र मेला संपन्न कराया जा रहा है जो 1 माह तक चलेगा । देवी पाटन मंदिर के ठीक सामने प्राचीन सूर्य कुंड स्थित है जिसके विषय में मान्यता है कि आदिकाल में भगवान परशुराम यहां पर तपस्या किया करते थे और महाभारत काल में सूर्य पुत्र कर्ण उनसे शस्त्र की शिक्षा यहीं पर लिया करते थे करण ने ही सूर्य कुंड का निर्माण किया था और इसी कुंड से जल लेकर प्रतिदिन वह अपने पिता सूरी को रख दिया करते थे यह भी मान्यता है कि इस सूर्य कुंड में स्नान करने से तमाम तरह के शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं यहां तक की विभिन्न प्रकार के चर्म रोग भी सूर्य कुंड में स्नान करने से ठीक होने की बात बताई जा रही है मेला प्रशासन द्वारा पूरे मेला क्षेत्र विशेषकर सूर्यकुंड की साफ सफाई के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं । पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया की गत दिनों कुछ घटनाओं को देखते हुए सूर्यकुंड में मोटर बोट के साथ जल पीएसी की भी तैनाती की गई है । इसके अलावा मेला पर नियंत्रण व सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के लिए देवीपाटन चौकी के साथ-साथ देवीपाटन मेले में भी एक चौकी की स्थापना की गई है जिसका अलग से प्रभारी भी नियुक्त किया गया है । सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पीएसी, महिला पुलिस की भी तैनाती की गई है । एसएसबी के डाग स्क्वायड तथा पुलिस के बम निरोधक दस्ते भी लगातार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ।इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के जरिए भी निगरानी लगातार की जा रही है ।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ