सुनील उपाध्याय
बस्ती । रासल पुस्तकालय द्वारा कम्पनीबाग स्थित पुस्तकालय पर प्रसिद्ध कवि डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ उनके साहित्यिक योगदान के लिये विश्व कविता दिवस पर सम्मानित किया गया।जिला चिकित्सालय के आयुष चिकित्साधिकारी, कवि डा. वी.के. वर्मा ने अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र देकर डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ को सम्मानित करते हुये कहा कि डा. जगमग ने पिछले चार दशक की साहित्यिक यात्रा में पूर्वान्चल की माटी को गौरवान्ति किया है। विशेष यह कि उन्होने नवांकुर रचनाकारों की एक नई पीढी रचा जो रचना की सुगन्ध देश भर में बिखेर रहे हैं। वरिष्ठ कवि सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने कहा कि डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ के रचना संसार में मनुष्य की पीडा, उल्लास और हास्य के विविध रूप हैं। स्वामी विवेकानन्द पर केन्द्रित उनके महाकाव्य की साहित्य जगत को बेचैनी से प्रतीक्षा है। श्याम प्रकाश शर्मा ने कहा कि डा. जगमग ने कविता के क्षेत्र में सृजनात्मक आयाम गढे हैं, उनसे बहुत अपेक्षायें हैं।
आयोजक जय प्रकाश गोस्वामी ने कहा कि समाज का धर्म है कि वह कवियों, साहित्यकारों को साहस प्रदान करे जिससे वे समय के सत्य को धार दे सके।कार्यक्रम में मो0 वसीम अंसारी, आतिश सुल्तानपुरी, सागर गोरखपुरी, लालमणि प्रसाद, सुरेन्द्र मोहन वर्मा, जगदम्बा प्रसाद भावुक, पं. चन्द्रबली मिश्र, दीपक सिंह प्रेमी, विजयनाथ तिवारी, गोविन्द पाण्डेय, हरीश दरवेश, भद्रसेन सिंह बंधु, सुनील मिश्र के साथ ही अनेक साहित्यकार शामिल रहे।

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