खुर्शीद खान
सुलतानपुर (यूपी).आयुर्वेदिक चिकित्सा के जरिए खुद दूसरों का इलाज करने वाला अपने एक रिश्तेदार का इलाज करवाने में तंत्र-मंत्र के जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो गया। तंत्र-मंत्र के चक्कर में लाखों रुपये गवां दिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब तंत्र-मंत्र वाली आरोपी महिला नहीं मिली, तो अब पीड़ित ने कार्रवाई के लिए पुलिस कप्तान से गुहार लगाई है।
सुलतानपुर के कादीपुर कोतवाली के तवक्कलपुर नगरा निवासी रामशिरोमणि वर्मा सरकारी नौकरी में रहें। रामशिरोमणि आयुर्वेद के अच्छे जानकार हैं। इनके नाम करीब दर्जन भर दवाएं पेटेन्ट हैं।यह वैसे तो खुद दूसरों का इलाज करते हैं, लेकिन अपने ही एक रिश्तेदार का इलाज करवाने में यह तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ कर ठगी का शिकार हो गए।
दरअसल राम शिरोमणि वर्मा की साली रेनू वर्मा एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। कई वर्षों इलाज के बाद जब कोई फायदा न हुआ, तो कुछ लोगों ने सलाह दी कि झाड़-फूंक के जरिए इलाज हो सकता है। इस दौरान जनवरी 2015 में रामशिरोमणि का संपर्क अखंड नगर के बेहराभारी गांव की रहने वाली गैना देवी से हुआ।
गैनादेवी तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का काम करती थी। गैना देवी ने रामशिरोमणि को बताया कि उसके घर में धन गड़ा हुआ है, जिसको निकालने पर उसकी साली की तबीयत ठीक हो जाएगी। महिला तांत्रिक के जाल में फंसे रामशिरोमणि के परिजन उसकी बात मान गए और उन्होंने अनुष्ठान कर समस्या का समाधान करने को कहा।
इस दौरान गैना ने रामशिरोमणि को भ्रमित कर कई मूर्तियां, सोने की ईंट निकाली, लेकिन सब बंद करके रखवा दिया और छूने से मना कर दिया। गैना ने इसके लिए उनसे लाखों रुपये ठग लिए। इस बीच 9 मार्च 2015 को रामशिरोमणि की बीमार साली की मृत्यु हो गई। 18 मार्च 2015 को गैना देवी आई और उसने बताया कि अब उसका घर अशुद्ध हो गया है और सभी सामान जो बंद कमरे में रखा है, उसे किसी कुंड में फेंक दो।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि गैना ने उनसे कहा कि 6 महीने बाद सामान फिर से वापस आ जाएगा। 6 महीने बाद महिला तांत्रिक फिर आई और उसने कहा कि अनुष्ठान करके सामान वापस लाना है। पूजा करने के नाम पर उसने फिर 50 हजार रुपये लिए। इस तरह करीब ढाई लाख रुपये तांत्रिक महिला ने ले लिए।11 अगस्त 2016 को महिला अपने सहयोगियों के साथ आई और उसने घर के पूरब और दक्षिण कोने में मंदिरनुमा स्थान बनाकर उसमें तमाम सामान लाल कपड़ों में बंदकर रखवा दिया।
मार्च 2017 में वह महिला फिर आई और उसने कहा कि 2 अगस्त 2017 को सब सामान खोला जाएगा। वादे के मुताबिक 2 अगस्त को तांत्रिक महिला नहीं आई। कई दिन इंतजार के बाद जब पीड़ित पक्ष ने पता करना शुरू किया, तो वह अपने घर से गायब मिली। आखिरकार संदेह होने पर जब सामान देखा, तो इनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रामशिरोमणि को एहसास हो गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। काफी खोजबीन के बाद जब गैना नहीं मिली,तो अब रामशिरोमणि ने पुलिस में गुहार लगाई है।

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