शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़।लालगंज में प्रमुख पद पर जैसे ही कांगे्रस समर्थित प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह ददन को निर्वाचन अधिकारी ने अधिकृत रूप से विजयी घोषित किया। भाजपा समर्थित रमेश प्रताप सिंह व उनके समर्थक हतोत्साहित हो उठे। बीते बीस सितम्बर को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पद से हटे पूर्व प्रमुख रमेश प्रताप सिंह मतगणना प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताने लगे।
हालांकि निर्वाचन अधिकारी ने आयोग की गाइडलाइन के तहत चुनाव परिणाम को पूरी तरह विधि सम्मत ठहराया। ऐसे मे रमेश प्रताप सिंह के समर्थक ब्लाक गेट के बाहर कांग्रेस नेताओं के विरोध मे नारेबाजी शुरू कर दी। पार्टी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी सुनकर कुछ दूर पर भारी संख्या मे मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओ मे भी उत्तेजना फैल गयी और कांग्रेस समर्थक भी नेताओ के पक्ष मे नारेबाजी करते ब्लाक गेट तक आ पहुंचे। ऐसे मे दोनो तरफ से समर्थकों मे गालीगलौज तथा खदेडीखदेडा शुरू हो गयी। दोनो पक्षो मे पथराव होने की भी चर्चा सुनी गई। हालांकि इस बीच पुलिस ने भी लाठी पटककर दोनो पक्षो को तितर बितर कर दिया।
| मौके पर कहासुनी की स्थिति मे पक्षों को समझाते सांसद प्रमोद व विधायक मोना |
कांग्रेस व भाजपा समर्थकों मे भिडन्त की जानकारी होते ही कैम्प कार्यालय पर मौजूद राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी एवं क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना तथा शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी भी ब्लाक गेट के करीब पहुंच गये। सांसद प्रमोद तिवारी ने बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुये पार्टी समर्थकों को समझाते बुझाते उन्हें गेट से कैम्प कार्यालय वापस भेजवाया। सांसद प्रमोद तिवारी ने समय की नजाकत को देखते हुये यदि मौके पर पहुंचकर धैर्य व संयम का परिचय न दिया होता तो पुलिस बल भी स्थिति को नियंत्रित करने मे असहज साफ हो उठा था। यहीं नही सांसद प्रमोद तिवारी ने अपने कार्यकर्ताओ को क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना और दामाद अम्बिका मिश्र तथा छोटी बेटी डा. विजयश्री सोना के साथ बगैर किसी नारेबाजी के कैम्प कार्यालय के वापस आननफानन में भेजवाया। प्रमोद की मौजूदगी से तनावपूर्ण स्थिति भी तुरतफुरत मे काबू मे आ पहुंची। जिसे लेकर पुलिस एवं प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

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