सुनील उपाध्याय
बस्ती यूपी । 1990 में वीपी सिंह द्वारा लागू किये गये 27 फीसदी आरक्षण का लाभ कुछ जातियों को नही मिल पा रहा है, 27 फीसदी आरक्षण का विभाजन होना चाहिये तभी वे जातियां विकास की मुख्य धारा से जुड पायेंगी। यह बातें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरूण राजभर ने कहीं। वे स्थानीय प्रेस क्लब सभागर में 18 मार्च को प्रस्तावित अति पिछड़ा अति दलित भागीदारी रैली के संदर्भ में मीडिया से मुखातिब थे।
उन्होने आगे कहा गांव गांव जाकर पार्टी के लोग जनता को जागरूक कर रहे हैं जिससे रैली को सफल बनाकर केन्द्र सरकार का ध्यान इस ओर खांचा जा सके और अति पिछड़े अति दलित वंचितों को भी आरक्षण का लाभ दिलाया जा सके। राजभर ने कहा स्थानीय जीआईसी मैदान में आयोजित होने वाली रैली पार्टी द्वारा वर्षों से चलाये जा रहे आन्दोलन को ताकत देगा। उन्होने कहा उत्तर प्रदेश के संर्वागींण विकास के लिये पूर्वांचल राज्य का गठन सबसे बड़ी जरूरत है।
जब तक पूर्वांचल राज्य नहीं बनेगा प्रदेश का वास्तविक विकास नही दिखेगा। उन्होने कहा सुहेलदेव भासपा ने अपने संघर्ष के दम पर कैबिनेट में इस बात को मंजूरी दिलाने में कामयाबी पाई है जिसके अनुसार अब प्राथमिक से लेकर स्नातक तक की मुफ्त शिक्षा दी जायेगी। इसके साथ ही मेधा को विकसित और प्रोत्साहित करने के इरादे से मेधावी छात्र छात्राओं के नाम से सड़कों व गांवों का नामकरण होगा। अरूण राजभर ने कहा उत्तर प्रदेश की अधिकांश सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकी हैं जो बाकी हैं उन पर तेजी से काम चल रहा है। अरूण ने यह स्वीकार किया कि गरीबी का कारण अशिक्षा है। समान रूप से शिक्षा व्यवस्था लागू कर गरीबी दूर की जा सकती है।
उन्होने नरेश अग्रवाल के भाजपा में शामिल होने पर तीखी प्रतिक्रिया की कहा हमारी पार्टी इससे सहमत नही है। जातिगत आरक्षण के सवाल पर राजभर ने कहा हमारी पार्टी हमेशा आर्थिक आधारों पर आरक्षण की पक्षधर रही है। कोई जाति ऐसी नही है जिसमें गरीब नही हैं। इसलिये गरीबों को चिन्हित कर उन्हे मुख्य धारा में लाने के लिये आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिये। अरूण राजभर ने रैली की सफलता के लिये सहयोग की अपील किया। पत्रकार वार्ता में बृजभूषण मिश्रा, मनोज राजभर, डा. अवधेश राजभर, अर्जुन राजभर, आदि मौजूद रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ