अमेठी (यूपी). यहां एक शोभा यात्रा के दौरान कुछ उपद्रवियों ने सौहार्द बिगाड़ का काम करते हुए सुरक्षा में लगे दरोगा को ही अपशब्द कह डाला।
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| फ़ाइल फोटो |
मामला ज़िले के जायस कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है।
मिली जानकारी के अनुसार ज़िले के जायस कोतवाली अंर्तगत कस्बे में मौनी महाराज की शोभा यात्रा निकाली गई थी।
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| फ़ाइल फोटो गाली देने वाला बीजेपी नेता बैक में |
जिसमें शोभा यात्रा की एक सवारी पर मौनी महाराज के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री आशीष शुक्ला भी सवार थे।
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इस दौरान मौनी महाराज की शोभायात्रा
जब जायस नगर में निकली तो यहां अमेठी के दबंग लड़के सौरभ पांडे ने जायस एसओ के साथ अभद्र टिपण्णी किया। लेकिन उसके इस व्यवहार पर पुलिस इसलिये भी खामोश रही कि जिससे सौहार्दय न बिगड़ जाये। सूत्रों की मानें तो शोभा यात्रा के माध्यम से सौहार्दय बिगाड़ने की कोशिश थी, जिसे पुलिस की सतर्कता ने बचा लिया। पुलिस ने जो दूर अन्देशी का काम किया वो अति सराहनीय है वरना कासगंज की तरह एक और हादसा सुर्ख़ियों में होता। क्योकिं जायस कस्बे में दूसरे वर्ग भी अच्छी संख्या में हैं।
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इस बाबत एएसपी बीसी दुबे ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पुलिस जांच कर रही है। जांच करने के बाद ही क़ानूनी प्रक्रिया अपनाई जायेगी।
वीडियो :यह थी शोभायात्रा
कौन हैं मौनी बाबा
मौनी बाबा हिन्दू संरक्षण सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, और अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली के बाबूगंज में मौनी महाराज का आश्रम है। अयोध्या मसले पर कई बार प्रशासन ने उन्हें नजरबंद भी किया है। संगम नगरी में चल रहे माघ मेले में अपने यज्ञ के कारण मौनी महाराज एक बार फिर चर्चा में हैं।
क्यों कर रहे हैं यज्ञ
माघ मेले में सरस्वती मार्ग स्थित परमहंस सेवा व मीरा सत्संग आश्रम के शिविर में वह अपने शिष्यों के साथ राममंदिर निर्माण व गंगा शुद्धिकरण के लिए दीप महायज्ञ के अनुष्ठान में लीन हैं।
1991 से दीप जला रहे हैं मौनी महाराज
बताया जा रहा है कि दीपदान में वो देशी घी, सरसों व तिल के तेल का उपयोग करते हैं। जिसकी व्यवस्था स्वयं श्रद्धालु करते हैं। वो 1991 से दीपदान अनुष्ठान कर रहे हैं। सबसे पहले मौनी बाबा ने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित सोमसरला वेद विज्ञान विश्वविद्यालय में 41 दिन की समाधि ली थी। जब उन्होंने समाधि तोड़ी थी। जिसके बाद तत्कालीन नेपाल नरेश वीरेंद्र विक्रम शाह ने चांदी के मुकुट के साथ 5100 रुद्राक्ष की मालाएं भेंट स्वरूप प्रदान कीं थी। वहां से लौटने के बाद उन्होंने अमेठी स्थित टीकरमाफी आश्रम में शारदीय नवरात्र में 3300 दीपों का यज्ञ करवाया था। इसके बाद से यह क्रम अनवरत जारी है। नासिक कुंभ में भी मौनी महराज ने 51 लाख दीपों का दान किया था।




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