गोंडा:-मसकनवा में पांच दिवसीय नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ और श्रीमद भागवत पावन प्रज्ञा पुराण कथा के दौरान कथा वाचक पंडित अनंत राम भारद्वाज ने संगीतमय कथा कर्म की प्रधानता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कर्म ही पूजा है। प्रत्येक मनुष्य को अपने कर्म पर विश्वास करना चाहिए। कर्म करना अपने बस में है। फल प्रभू के हाथ में है। यज्ञाध्यक्ष पंडित राम बिहारी भारद्वाज, उमेश धर द्विवेदी ने मुख्य यजमान सतीश गुप्त और श्यामा देवी को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ व्यास पूजन, पृथ्वी पूजन, कलश पूजन और देव पूजन कराया।
दिखा संगीत का जादू।
महा यज्ञ में हरिद्वार से आये संगीत कलाकारो ने अपने वाद्य यंत्रों मोनू ओझा आर्गन वादन, आशीष ओझा पैड वादन, साजन पाठक तबला वादन, बबलू शुक्ल बांसुरी, जगत पाल और राजेश ने संगीत का जादू चलाकर सबकों मंत्र मुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने दिखाया हूनर।
महायज्ञ में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें क्षेत्रीय बच्चों क्षिति, रिया, मुस्कान, रूपाली, रिशु, गौरी, श्रद्धा, मीरा, चन्द्रा, मनीषा, खुशी, अभिषेक, अपने हुनर का जलवा दिखाया। भव्य मां गायत्री, राधा कृष्ण जी की भव्य झांकियां सजायी। बच्चों ने भक्ति गीत और नृत्य प्रस्तुत किया।



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