सुनील उपाध्याय
बस्ती:सेमिनार की शुरुआत स्कार्ड के अध्यक्ष विपिन अग्निहोत्री ने की, उन्होंने कहा की उपभोक्ताओं के साथ कदम कदम पर छलावा किया जाता है, लेकिन लोग मामूली से नुकसान की सोच कर शिकायत नहीं करते। ऐसे में जनता के साथ छल और भी बढ़ जाता है।
विपिन ने कहा कभी पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल मिलता है, तो कभी सब्ज़ी बेचने वाला कम तौल जाता है। दूध, घी के प्रोडक्ट्स में कमी रोज़ाना की बात है। वहीं सोने चाँदी के आभूषणों में भी छल किया जाता है। ऐसे मामलों की शिकायतें उपभोक्ता करने से कतरा जाते है, लेकिन छोटे-छोटे मामलों की शिकायत करना उनका अधिकार है।
स्कार्ड की सेक्रेटरी अर्चना सिंह ने बताया की उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में उपभोक्ताओं के कई अधिकार है लेकिन उनकी जानकारी का अभाव होने से ग्राहकों को परेशानी होती है।
वहीं स्कार्ड की वाईस प्रेजिडेंट प्रियंका गुप्ता ने इस बात से रूबरू कराया की जो वस्तु खरीदी गयी वह ग्राहक और उसके परिवार को कोई नुकसान पहुचाएं तो इस मामले मे सुरक्षा का अधिकार है। किसी भी चीज या सर्विस की मात्रा, शुद्धता और कीमत सहित की जानकारी सूचित किये जाना का अधिकार है
स्कार्ड के प्रोजेक्ट ऑफिसर मुज़्ज़म्मिल रेहमान ने सेमिनार मे बताया की यदि उपभोक्ता के साथ ठगी होती है तो सादे कागज़ पर अपनी शिकायत को दर्ज़ करा सकते है।इस शिकायत मे प्रतिपक्ष के ब्योरे शामिल होने चाहिए।
पिछले 30 सालों से उपभोक्ताओं के हितो के लिए लड़ रही संस्था भारत ज्योति ने भी सेमिनार में हिस्सा लिया। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष विजय आचार्य ने बताया की पहले ही उपभोक्ता जागरूक हो तो विवाद की नौबत नहीं आती है। खरीददारी मे अपने साथ धोखाधड़ी की शिकायत विक्रेता से करने पर यदि न्याय नहीं मिलता है तो उपभोक्ता संरक्षण फोरम मे संपर्क कर सकते है।
सेमिनार के दौरान स्कार्ड के अध्यक्ष विपिन अग्निहोत्री ने एक सर्वे भी रिलीज़ किया जिसके मुताबिक 68 फीसदी लोगो को उपभोक्ता अधिकारों के बारे मे बिलकुल भी जानकारी नहीं है। यह सर्वे स्कार्ड ने उत्तर प्रदेश के 12 जिलों मे 2261 लोगो पर किया।
सर्वे में यह बात भी सामने आयी की ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने स्थिति और भी भयावह कर दी है, शिपिंग चार्ज और एक्स्ट्रा फीस के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है।


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