डॉ ओपी भारती
गोण्डा: कहने के लिए तो महिलाओ का उत्पीडन रोकने व हर संभव
न्याय दिलाने के लिए शासन प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ हमेशा मुस्तैद रहते है लेकिन
गोंडा जनपद के वजीरगंज थाना क्षेत्र में आलम निराला है कि एक महिला को न्याय के
लिए थाना के गेट पर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है |
वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला घर को जाने वाले एक मात्र रास्ते पर विपक्षी द्वारा दीवाल खड़ी कर लेने पर स्थानीय थाने के गेट पर अपने बच्चों के साथ शनिवार शाम को भूख हड़ताल पर बैठ गई। पुलिस उसके मन-मनौव्वल में जुटी है।क्षेत्र के ग्राम चढ़ौवा निवासिनी किरन पत्नी सोनू ने बताया कि उसके घर के सामने आबादी की जमीन है। जहां जाने के लिए एक मात्र रास्ते पर विपक्षी भोला व उसका पुत्र शिवम दीवाल उठा रहा था।
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रास्ते के अवरुद्ध होने को देखकर उसने 17 मार्च को तहसील दिवस में शिकायत की थी। आरोप है कि 23 मार्च को वह दीवाल निर्माण व रास्ता अवरुद्ध होने की सूचना जब थानाध्यक्ष को देने गई तो उसे थाने से भगा दिया गया। जिससे विपक्षी ने शनिवार को दीवाल खड़ी कर दिया। उसने थानाध्यक्ष व डायल100 को सुबह फोन किया। डायल100 दीवाल उठ जाने के बाद दोपहर में पहुंची। किरन ने शनिवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर न्याय की मांग की है । पीड़िता अपने छोटे-छोटे तीन बच्चों के साथ थाने के गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गई है। उसका पति गैर प्रान्त में मजदूरी करता है। पुलिस वालों के मान-मनौव्वल पर उसने दीवाल गिरा कर रास्ता खोलवाने तक वहां से न हटने की बात कही। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सरोज ने बताया कि मामला संज्ञान में है।23 मार्च को विपक्षी शिवम का धारा 151 सीआरपीसी के तहत चालान किया गया था। बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के पुलिस दीवाल नहीं गिरवा सकती।



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