शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । सरकार के भेद - भाव पूर्ण व्यवहार के विरोध में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के संयुक्त कर्मचारी संगठन ने तीन दिवसीय हडताल का दिया समर्थन दिया है ।रविवार को बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं इप्लाइज यूनियन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पत्रकार वार्ता में अपनी मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन की अपील करते हुए महामंत्री कुमार वैभव व अमित कुमार ने कहा कि अपनी स्थापना के 4 दशक बीत जाने के बाद भी उचित सेवा शर्तें और शीर्ष स्तर पर वार्ता मंच अधिकारियों और कर्मचारियों को उपलब्ध न होने से वह उत्पीड़न का शिकार हो रहे । यूनियन के पदाधिकारियों ने ग्रामीण बैंकों के निजीकरण वह पब्लिक इश्यू के प्रस्ताव वापस लिए जाने, अनुकंपा नियुक्ति की सुविधा पिछली दिनांक अगस्त 2014 से लागू किए जाने, बैंकिंग उद्योग की तर्ज पर कंप्यूटर इक्रीमेंट की सुविधा प्रदान किए जाने, प्रयोजक बैंकों के साथ ही ग्रामीण बैंकों को भी भारतीय बैंक संघ के साथ वार्तामंच में शामिल किए जाने समेत 7 सूत्री मांगों को लेकर 26,27, 28 मार्च 2018 को हड़ताल पर रहने का एेलान किया । इस दौरान बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर एसोसिएशन यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण बैंकों और इनके मानव स्रोतों के प्रति वित्त मंत्रालय भारत सरकार के भेदभाव और पक्षपातपूर्ण व्यवहार के विरूध संघर्षरत हैं, लेकिन भारत सरकार और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एनआईटी अवार्ड बिना संशोधन स्वीकार करने के बावजूद आज तक पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया । प्रेसवार्ता के मौके पर कामरेड डीपी सिंह, शिवम करन पांडे, शैलेंद्र कुमार सिंह, अमृतलाल त्रिपाठी, इंद्र बहादुर सिंह, अखिलेश प्रताप सिंह, मौर्य, मनीष आदि मौजूद रहे ।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ