सुनील उपाध्याय
बस्ती । रामनवमी, भगवान राम की स्मृति को समर्पित है। राम सदाचार के प्रतीक, मर्यादा पुरुषोतम’ है। उन्होने समाज के सभी वर्गो में संतुलन, एकता पैदा कर रावण के अत्याचारों से मुक्ति दिलाया। यह विचार जिला चिकित्सालय के आयुष चिकित्साधिकारी, साहित्यकार डा. वी.के. वर्मा ने व्यक्त किया। वे रविवार को समाचार पत्र वितरक जन कल्याण सेवा समिति द्वारा कम्पनीबाग पर जय प्रकाश गोस्वामी के संयोजन में राम नवमी पर आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी, फलाहार कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप मंें सम्बोधित कर रहे थे।
कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम का जन्मोत्सव इस बात का प्रतीक है कि अन्याय, अत्याचार, उत्पीड़न के दिन समाप्त होंगे। विशिष्ट अतिथि ब्राम्हण महासभा के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमन्त कुमार मिश्र ने कहा कि श्रीराम ने शेबरी को प्रतिष्ठा देकर सर्व समाज के कल्याण का संदेश दिया। चित्रांश क्लब संरक्षक राजेश चित्रगुप्त ने कहा कि श्रीराम की मर्यादा श्रेष्ठ है। उनका सम्पूर्ण जीवन प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्येन्द्रनाथ मतवाला और संचालन वरिष्ठ कवि डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने किया। कहा कि श्रीराम के रोम रोम में मानव कल्याण का संदेश है। भगवान विष्णु ने राम रूप में असुरों का संहार करने के लिए पृथ्वी पर अवतार लिया और जीवन में मर्यादा का पालन करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। आज भी मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मोत्सव तो धूमधाम से मनाया जाता है पर उनके आदर्शों को जीवन में नहीं उतारा जाता। अयोध्या के राजकुमार होते हुए भी भगवान राम अपने पिता के वचनों को पूरा करने के लिए संपूर्ण वैभव को त्याग 14 वर्ष के लिए वन चले गए और आज देखें तो वैभव की लालसा में ही पुत्र अपने माता-पिता का काल बन रहा है। ऐसे में श्रीराम जन्मोत्सव की महत्ता बढ जाती है।
कार्यक्रम में आतिश सुल्तानपुरी, अवधेश कुमार मिश्र, दिलीप पाण्डेय, ताजिर वस्तवी, पंकज गोस्वामी, अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय, के.डी. मिश्र, सागर गोस्वामी, पेशकार मिश्र, पंकज सोनी, बुद्धेश चौधरी, रहमान अली रहमान, कलीम वस्तवी, गोविन्द पाण्डेय के साथ ही अनेक लोग उपस्थित रहे।


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