खुर्शीद खान
सुल्तानपुर (यूपी). बीजेपी नेता एवं सुल्तानपुर के सांसद वरुण गांधी पार्टी की नेशनल और स्टेट विंग में पहले ही से बेगाने हो चुके थे। अब वो अपने संसदीय क्षेत्र में भी अलग-थलग दिखाई दे। पार्टी के मुट्ठी भर लोग ही उनका मंच साझा कर रहे। शनिवार को इन्हीं लोगों के साथ मंच साझा करते हुए उन्होंंने कहा कि हिंदू-मुसलमान, जात-पात की और क्षेत्रवाद की राजनीति से लोग थक चुके हैं।
परमात्मा को किसी शब्द से बुलाइए
- ग़ौरतलब हो कि भाजपा सांसद वरुण गांधी इन दिनों अपने संसादीय क्षेत्र सुल्तानपुर के 3 दिवसीय दौरे पर है।
- शनिवार को वरुण गांधी अपने दौरे के दूसरे दिन ज़िले के दोस्तपुर ब्लाक के बाज़ार में मौजूद लोगों को सम्बोधित किया।
- अपने सम्बोधन में सांसद वरुण गांधी ने बीजेपी और इस सरीखे सभी दलों को निशाने में रखा।
- उन्होंंने कहा कि बहुत दिनों से इस देश में हिंदू-मुसलमान की राजनीति हुई, जात-पात की राजनीति हुई, क्षेत्रवाद की राजनीति हुई, लेकिन अब लोग इससे थक चुके हैं, ख़ासकर के जो नौजवान हैं।
- वरुण गांधी ने नसीहत भरे शब्दों में कहा कि हमारे धर्म और आस्थाए अलग हैं, लेकिन घर-बच्चों के लिये सोच एक है।
- बिल्कुल उसी तरह जब क्रिकेट के मैच में टीम इंडिया जीतती है तो हम सब खुश होते है।
- वरुण गांधी यहीं नही रुके उन्होंने कहा कि आप परमात्मा को किसी शब्द से बुलाइए।
देश किसी लकीर का नाम नहीं
- उन्होंंने एक मनोवैज्ञानिक की तरह समझाते हुए कहा कि सबसे बड़ी ताक़त प्यार की है, उससे बड़ी कोई ताक़त नहीं।
- वरुण गांधी ने कहा हम सब अपने गुस्से को थूकें, एक-दूसरे से हमको जो चीज़ें अलग करती हैं वो थूकें और देश को और मज़बूत करें।
- देश किसी लकीर का नाम नहीं, देश हमारे अंदर है, हम सब इसे एक साथ आगे बढ़ाये।
- अपने राजनैतिक कैरियर के बारे में विचार रखते हुए उन्होंंने कहा 'मैं राजनीति नाम-पैसे कमाने के लिये नहीं करता हूं, लोगों का बोझ हल्का करने के लिये करता हूं।
मुट्ठी भर पदाधिकारी और कार्यकर्ता ही देखे जा रहे साथ
सनद रहे कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ज़िले के बीजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिस तरह वरुण गांधी के साथ सैक़डों की संख्या में कंधे से कंधे मिलाकर चलते थे अब वो उनके मंच से लेकर काफिलों के बीच में दूर-दूर तक नज़र नहीं आ रहे।
कुछ मुट्ठी भर पदाधिकारी और कार्यकर्ता ही उनके साथ देखे जा रहे हैं, हैरत की बात ये है कुछेक कट्टर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने वरुण को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रमक तेवर दिखाना शुरु कर दिया है।
यही नहीं जिलाध्यक्ष से लेकर सभी बीजेपी विधायक और प्रदेश लेबल की महिला पदाधिकारी एकदम से उनसे अलग हो गये, जो अब चर्चा का विषय बना है।
सूत्रों की मानें तो इसके पीछे दो ही बातें हैं, एक वरुण का इशारों में प्रहार जिसको लेकर शीर्ष नेतृत्व ने उचित दिशा निर्देश दे रखे हैं, और दूसरे वरुण की स्वच्छ छवि के आगे चाटुकार नेताओं की टोली खुद ठहर नहीं पाई।


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