असगर नकी
लखनऊ (यूपी). शिया सेंट्रल बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी द्वारा बीते दिनों लिखे गये लेटर पर जेएनयू के रिसर्च स्कालर मौलाना अदीब हसन रिज़वी ने पलटवार किया है। मौलाना में अपने बयान में कहा है कि वक्फ़ की प्रापर्टी को बेचकर खाने वाले आज मुल्क की समाप्ति की हेफाज़त की बात कर रहे हैं। उन्होंंने कहा कि वसीम रिज़वी कहते हैं कि हिन्दू समाज के मंदिरों को तोड़कर बनाए गए सभी मस्जिद को हिन्दू समाज को वापस किया जाना चाहिए। वो ये बतायें कि वक्फ़ की जो प्रापर्टी उन्होंंने और उनके चचा (आज़म खान) ने बेच खाया है वो उसे कब वापस करेंगे?
मुस्लिम उलेमाओं और फिरकों के लोगों करें बायकाट
एक ख़ास बातचीत में जेएनयू के रिसर्च स्कालर मौलाना अदीब हसन रिज़वी ने कहा कि बार-बार विवादित बयान देकर वसीम रिज़वी जैसे गंदे लोग देश की अखंडता को बर्बाद करने में लगे हैं। उन्होंंने कहा जो व्यक्ति कौम का ग़द्दार है वो मुल्क का कभी वफादार नहीं हो सकता। मौलाना सभी मुस्लिम उलेमाओं और फिरकों के लोगों से अपील किया है कि सभी एकजुट होकर ऐसे व्यक्ति बायकाट करें जो मुल्क और कौम की रुसवाई का सबब बन रहे हैं।
सलाखों के पीछे भेजे जायें वसीम रिज़वी
मौलाना ने सरकार से डिमांड किया है कि वो वसीम रिज़वी की फाइलें जल्द से जल्द खोलकर उसे सलाखों के पीछे भेजे। उन्होंंने समाज के लोगों से भी अपील किया है कि वो भी सरकार से इस बात की डिमांड करें, और अगर इसके बाद भी सरकार की ओर से कार्यवाई न हो तो ये समझना चाहिये की वसीम रिज़वी सरकार और सरकार के मंत्रियों के इशारे पर भौंक रहा है।
बुधवार को जारी लेटर में लिखी थी ये बात
आपको बता दें कि शिया सेंट्रल बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बुधवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को एक लेटर लिखा था। लेटर में वसीम रिज़वी ने लिखा था कि हिन्दू समाज के मंदिरों को तोड़कर बनाए गए सभी मस्जिद को हिन्दू समाज को वापस किया जाना चाहिए।
उन्होंने लिखा कि जैसा कि आप इतिहास से अवगत हैं कि मुगल बादशाहों ने और उनसे पहले हिन्दुस्तान आए सुल्तानों ने हिन्दुस्तान को लूटा, यहा हुकूमत की और मंदिरों को तोड़ा। कुछ मंदिरों को तेड़कर वहां मस्जिदें बनवा दी जिसका इतिहास गवाह है।
इस्लाम के उद्देश्यों से आप अच्छी तरह से अवगत हैं कि किसी भी गसबी (कब्जाई) हुई जगह पर अगर किसी इबादतगाह को जबरन तोड़कर मस्जिद बनाया जाना शरअन जायज नहीं है और ऐसी मस्जिदों में किसी भी तरह की कोई अल्लाह की इबादत जायज नहीं है। इतिहासकारों का अध्ययन करके मेरे द्वारा निम्न लिखित मस्जिदों के संबंध में आपको अवगत कराया जा रहा है। जो कि मुगलों द्वारा व उनसे पहले आए सुल्तानों द्वारा मंदिरों को तोड़कर बनवाई गई है।
![]() |
पहले भी लिख चुके हैं ऐसे लेटर
वसीम रिज़वी ने 9 जनवरी, 2018 को पीएम मोदी और सीएम योगी को एक लेटर लिखा था जिसमें कहा था कि कुछ आतंकवादी संगठन मदरसों को फंडिंग करते हैं। मदरसे की शिक्षा को सामान्य शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है। मदरसों में जो बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनकी शिक्षा का स्तर निचली सतह का है। ऐसे बच्चे सर्व समाज से दूर होकर कट्टरपंथ की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में मदरसों को खत्म करने की जरूरत है और उसकी जगह सामान्य शिक्षा नीति बनाई जाए।
मौलाना नदवी की जांच को लेकर लिखा था लेटर
12 फरवरी 2018 को वसीम रजवी ने पीएम मोदी को एक लेटर लिखा है। उन्होंने लेटर में लिखा है, "कट्टरपंथी मानसिकता के लोग जो अपने आप को तथाकथित मुसलमान कहते हैं वह हिन्दुस्तान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदवी के मामले की जांच होनी चाहिए। इनकी गतिविधियों से ऐसा लगता है कि हिन्दुस्तान के मुसलमानों से संबंधित अहम फैसले पाकिस्तान और सऊदी अरब के आतंकवादी संगठन तय कर रहे हैं। उन्होंने अयोध्या में मंदिर बनना चाहिए और मुसलमान अपनी मस्जिद के वहां से दूर किसी गैर विवादित जगह में बनाएं, यही एक मात्र रास्ता है।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ