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VIRAL हुआ खंड शिक्षाधिकारी के तुगलकी फ़रमान का आडियो: रिलेटिव है सहायक अध्यापिका,  15-20 दिन पर जायेगी स्कूल



लखनऊ. प्राइमरी स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में तेज़ी से आई गिरावट को पटरी पर लाने के लिये योगी सरकार तरह-तरह के जतन कर रही है। लेकिन मातहत अधिकारी हैं जो पुराने ढ़र्रे पर शिक्षा प्रणाली को ले जाना चाह रहे। अब उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले के कुड़वार ब्लाक में पोस्टेड खंड शिक्षाअधिकारी संजय यादव को ही ले लीजिये। साहब ने ब्लाक के एक स्कूल के प्रिन्सिपल को फोन पर तुगलकी फरमान सुनातें हुए कहा कि स्कूल में तैनात सहायक अध्यापिका हमारी रिलेटिव है। और फिर साहब ने कहा के ''ये 15 से 20 दिनों में एक बार ही स्कूल जाएगी, परेशान न होना कोई दिक्कत नहीं होगी।''
वायरल आडियो 

प्राथमिक विद्यालय भदहरा का मामला

आपको बता दें कि ये पूरा मामला जिले के कुड़वार ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भदहरा का है। जहां खंड शिक्षाधिकारी संजय यादव के अनुसार अब अधिकारियों के रिश्तेदारों को स्कूल में पढ़ाने जाने की जरूरत नही है। 
खंड शिक्षाधिकारी संजय यादव के वायरल हुए आडियो क्लिप से तो ये साफ जाहिर हो रहा है। उनके द्वारा फोन पर भदहरा प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका सिखा यादव को स्कूल के प्रधानाचार्य से अपनी रिश्तेदार बताते हुए कहा गया है कि शिखा हमारी रिश्तेदार है और वो स्कूल पढ़ाने नही जाएगी,15 से 20 दिनों में एक बार जाएगी।

बच्चों पर सीधे तौर पर पड़ रहा असर

वहीं स्कूल में इस तरह शिक्षकों के ग़ैर हाज़िर रहने का असर यहां आने वाले बच्चों पर सीधे तौर पर पड़ रहा है। यहां जब स्कूल के एक बच्चे से अम्ब्रेला की स्पेलिंग पूछी गई तो बच्चा स्पेलिंग तक न बता सका। इससे साफ़ जाहिर होता है कि स्कूल की टीचर जब 15 से 20 दिनों एक बार अधिकारी के कहने पर आएँगी तो बच्चों की पढ़ाई आखिर कैसे होगी? 
और जब इंग्लिश के टीचर से बच्चों के भविष्य पर सवाल किया गया तो बात को घुमाते हुए बताते हैं की बच्चे भी मेहनत कर रहे हैं और हम लोग भी। 

अधिकारी के आदेश के आगे लाचार दिखे प्रिंसिपल

इस पूरे प्रकरण के संदर्भ में जब विद्यालय के प्रिंसिपल मोहम्मद मुस्तफा से बात की गई तो उनका कहना था कि हमारे वो अधिकारी हैं जो कहेंगे मुझको करना पड़ेगा। उन्होंने मुझसे फोन पर कहा कि सहायक अध्यापिका शिखा यादव हमारी रिश्तेदार है ,और वो स्कूल 15 से 20 दिनों में एक बार जाएगी। कारवाई के परिपेक्ष में उन्होंंने कहा कि वो हमारे अधिकारी हैं, हम अधिकारी के आगे कौन सी कारवाई कर पायेगें। अगर मैं कुछ करूं तो मेरे लिये दिक़्क़त पैदा करेंगे। 
ये पूछे जाने पर कि इसकी शिकायत बीएसए से क्यों नहीं किया? तो उन्होंंने जवाब में कहा कि बीएसए से शिकायत करने के बाद फिर तो उन्हीं को जांच मिलती फिर मेरे लिये दिक़्क़त होती। 

फोन पर बोले BSA मैं DM की मीटिंग में हूं

उधर खंड शिक्षाधिकारी की इस करतूत के मामले को लेकर जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कौस्तुम्भ कुमार सिंह से फोन पर बात करनी चाही गई तो उन्होंंने ये कहकर फोन कट कर दिया कि अभी मैं डीएम साहब की मीटिंग में हूं।
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