ओ0पी0भारती/मुस्ताक अहमद
गोंडा।वजीरगंज में ऊंटों पर सजी अमारियां देख अजादारों की आंखे छलक गई। भीगी पलकों से शबीह - ए - मुबारक की जियारत कर आंसुओं का पुरसा पेश किया । हजरत इमाम - ए - अली मुकाम की शहादत के गम में रविवार को रिज्वी नगर वौगड़ा स्थित कर्बला से शाही जुलूस निकाला गया ।जुलूस से पहले अंजुमन गुलदस्ता - ए - इमाम - रजा की ओर से मजलिस हुई । मजलिस को मौलाना सादिक हसन फैजाबादी ने खिताब किया । मौलाना ने इमाम की जिंदगी पर विस्तार से रोशनी डालते हुए उनकी शिक्षाओं पर अमल करने की अपील की । मौलाना ने इमाम की शहादत बयां की तो अजादारों की आंखे नम हो उठी । इसके बाद कर्बला परिसर में शाही जुलूस के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया । जुलूस में ऊंटों पर सजी अमारियों के साथ इमाम का ताबूत व जुलजनाह सहित अन्य शबीह - ए - मुबारक की जियारत कराई गई । देर रात शब्बेदारी का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरी रात जारी रहा । कई मातमी अंजुमन ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर पुरसा पेश किया ।
ताबूत की जियारत को उठे हाथ
इमाम के चाहने वालों ने शबीह - ए - मुबारक की जियारत कर दुआंए मांगी । अंजुमन दस्त - ए - हुसैनी व इमाम - ए - रजा कमेटी की ओर से अजादारों को हजरत इमाम अली रजा अलैहिस्सलाम के ताबूत की जियारत कराई गई । इससे पहले मौलाना सादिक हसन फैजाबादी ने मजलिस को खिताब किया । पूरी रात अजादारों ने आंसुओ का पुरसा पेश किया ।

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