अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।जनपद बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार तथा कोतवाली नगर में तैनात महिला कांस्टेबल वंदना सिंह ने मानवता की मिसाल पेश की है । दरअसल 23 अप्रैल की शाम एक गरीब परिवार की नाबालिक लड़की के साथ उसी गांव के एक युवक ने जबरन दुराचार किया था साथ ही उसने अमानवीयता की हद भी पार कर दी थी जिसके कारण लड़की की हालत काफी नाजुक बनी हुई है । पीड़िता को पचपेड़वा से गंभीर हालत में रेफर किया गया और उसे जिला महिला चिकित्सालय लाया गया जहां पर महिला सिपाही बंदना सिंह ने बिना किसी इंतजार के पीड़ित लड़की को अपनी गोद में उठाकर इलाज हेतु अस्पताल के अंदर ले गई । उसने इस्टेचर या किसी अन्य साधन का इंतजार एक क्षण भी नहीं किया । महिला सिपाही का यह मानवीय कार्य का चारों और सराहना की जा रही है वहीं यूपी की बदनाम पुलिस के छवि पर एक अच्छा छाप छोड़ गया है । दूसरी ओर पीड़ित लड़की के परिवार की माली हालत ठीक न होने के कारण पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने उसे तत्काल अपनी ओर से ₹25000 (पच्चीस हजार) की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है ताकि उचित इलाज हो सके और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि आवश्यकता पड़ने पर उनके द्वारा और भी मदद उपलब्ध कराई जाएगी । इस मामले में आरोपी को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । पुलिस अधीक्षक का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों के लिए सभी पुलिसकर्मियों को संवेदनशील होना चाहिए तथा ऐसे आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी । पीड़ित लड़की को जिला महिला चिकित्सालय से गोंडा के लिए रेफर किया गया था जहां पर गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है । फिलहाल पीड़िता का इलाज जारी है । इस पूरे मामले में जिस प्रकार का पुलिस द्वारा सहयोग तथा कार्यवाही की गई उससे प्रतीत होता है कि बलरामपुर पुलिस मित्र पुलिस बन सकती है । पुलिस महकमे में अच्छे लोगों की कमी नहीं है केवल चंद लोग ही विभाग की छवि को बट्टा लगाने का कार्य कर रहे हैं ।

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