अमरजीत सिंह
फैजाबाद:राजमार्ग हादसे में हुई शिक्षक श्याम करन वर्मा की मौत की खबर सुनते ही थोड़ी ही देर में घटना स्थल पर शिक्षकों व छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई थी वही घटना स्थल पर पहुंची मृतक शिक्षक की पत्नी व परिजनों में शव देखते ही चीख पड़े थे।कई लोग इस सदमे को बर्दाश्त नही कर सके और अचेत हो जमीन पर गिर गए घटना स्थल पर परिजनों का मचा कोहराम देख गुरुजन बच्चे सहित स्कूल के प्रबंधक मवई ब्लॉक प्रमुख भी फफक कर रो पड़े।उधर सूचना पाते ही क्षेत्रीय विधायक रामचन्दर यादव भी घटना स्थल पर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया उसके बाद शव के साथ ब्लॉक प्रमुख व विधायक के साथ मोदी विचार मंच के जिलाध्यक्ष आकाश मणि त्रिपाठी अध्यापक विजय मिश्र राकेश वर्मा अभिषेक द्विवेदी शिवम तिवारी राम आसरे आदि लोग पीएम हाउस पहुंचे।जहां विधायक रामचंद्र यादव ने अफसरों से बात कर तत्काल पोस्मार्टम की व्यवस्था कराई
पांच पांडवों की टूटी जोड़ी
मवई ब्लॉक क्षेत्र के पटरंगा गांव में संभ्रान्त घराने के सुपुत्र शिक्षक श्याम करन वर्मा की मौत के बाद पांडव की जोड़ी मानो अब टूट गई ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रभात वर्मा संदीप जायसवाल प्रशांत मिश्र आदि ने बताया कि शमशेर वर्मा के पांच पुत्र क्रमशः गोकरन जय करन शिव बरन राज करन श्याम करन थे जिसमें मृतक श्याम करन सबसे छोटे थे इन सभी के कार्य व्यवहार से गांव वाले इन्हें पांडव भी कहते थे लेकिन एक कि मौत के बाद अब ये जोड़ी मानो टूट गई मृतक ने अपने पीछे 10 वर्षीय बेटी पारुल,प्रतिभा 06 व दो वर्ष के बेटे कन्हैया को छोड़ गये है इस हादसे के बाद सभी भाइयों सहित पत्नी संतोषा का रो रो कर बुरा हाल है
स्कूलों में आयोजित हुई शोकसभा
एक कुशल शिक्षक के रूप में विगत 14 वर्षों मवई ब्लॉक प्रमुख राजीव तिवारी की वित्तविहीन शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत शिक्षक श्याम करन की मौत ने हर किसी के दिल को झगझोर कर रख दिया।मौत के बाद कृष्णावती रामनरेश डिग्री कालेज बाबा शिवचरन कृष्णा पब्लिक स्कूल महेश चंद्र स्मारक विद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थाओं में दो मिनट का शोक सभा आयोजित कर उनकी आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की गई।तत्पश्चात अवकाश दे दिया गया
अंतिम दर्शन में उमड़ा जन सैलाब
पोस्मार्टम के बाद सोमवार की शाम मृतक शिक्षक का शव उनके पैतृक गांव पटरंगा पहुंचा जहां परिजनों की चीख पुकार से पूरा गांव शोक में डूब गया इस दौरान अंतिम दर्शन के लिये शिक्षक समाज के अलावा छात्रों व ग्रामीणों की भारी भीड़ उनके दरवाजे पर जमा हो गई महज दस मिनट दरवाजे पर शव को रखने के बाद उन्हें अंतिम संस्कार के लिये गांव के किनारे स्थित एक बाग ले गए जहां परिजनों ने उनके दो वर्ष के बेटे कन्हैया के हाथों मुखाग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया अंतिम संस्कार में पुष्पेन्द्र सिंह सन्तोष शर्मा रविचन्द श्याम प्रकाश अशोक कुमार घनश्याम विश्वकर्मा पप्पू वर्मा अजय शुक्ला सुनील यादव दीपक शुक्ला बृजेश मिश्र दिनेश द्विवेदी देवेंद्र शुक्ला रवीन्द्र मौर्या आदि लोग मौजूद रहे


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