मनीष ओझा
प्रतापगढ़। जिले के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर मिसिरपुर गांव के समीप नेशनल हाईवे के किनारे ट्रक चालक व खलासी की हत्या के मामले मे दूसरे दिन गुरूवार को भी पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुुंच सकी। हालांकि पुलिस का दूसरे दिन दोनों मृतकों के शव को दफन कराने मे पूरा जोर लगा दिखा। मृतक खलासी मुजीब का कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मे उसके पैतृक गांव कन्धई थाना के खमपुर गांव मे दफन होने से जरूर पुलिस ने राहत की सांस ली। वहीं मृतक चालक इकरार अहमद के कुछ परिजन बाहर होने के कारण अभी घर नहीं पहुंच सके। गौरतलब है कि बीती मंगलवार की देर रात बहराइच से इलाहाबाद जा रही एक ट्रक को बदमाशों ने कब्जे मे लेकर उसके चालक व खलासी की निर्मम हत्या कर दी थी। चालक व खलासी को पहले चाकुओं से गोदा गया फिर बदमाशों ने दोनों को गोली भी मारी। लावारिस दशा मे ट्रक के केबिन मे दोनों के शवों को भरकर बदमाश लालगंज कोतवाली के मिसिरपुर गांव के समीप ट्रक खड़ी कर भाग निकले। पुलिस अभी तक यह तक नहीं पता लगा सकी कि दोनों हत्याएं मंगलवार की भोर अथवा बुधवार की सुबह कब अंजाम दी गई और आखिर चालक व खलासी की हत्या कर ट्रक को चलाकर कातिल यहां तक कैसे ले आ सके। हालांकि दोहरे हत्याकांड को लेकर पूरे जिले की पुलिस बीती बुधवार की रात नेशनल हाईवे के ढ़ाबों पर भी घटना के सूत्र खंगालने मे जुटी दिखी। नेशनल हाईवे पर घटना के बाद से पुलिस काम्बिंग बढ़ा दी नजर आ रही है। इसके बावजूद दोहरे हत्याकांड खाकी के लिये चुनौती बना हुआ है। इधर पुलिस की कई टीमें न केवल जिले बल्कि आसपास के जिलों मे भी ट्रक लूट से जुड़ी घटनाओं के आरोपियों का मौजूदा ठौर ठिकाना खंगाल रही है। यह बात दीगर है कि पुलिस इन हत्याओं को प्रारम्भिक तौर पर लूट की वारदात से इंकार कर रही है। इसके बावजूद पुलिस की टीमें दोहरे हत्याकांड को लेकर किसी आपसी रंजिश या फिर व्यवसायिक षडयन्त्र अथवा आशनाई जैसे कारणों को लेकर भी माथापच्ची कर रही है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ