अमेठी. दो दिवसीय दौरे पर पहुँची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी जाते समय रायबरेली के पास भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की। इस बीच पत्रकारों ने ईरानी से सवाल किया कि राहुल गाँधी के संसदीय क्षेत्र के डीह स्कूल जाने वाले बच्चो को एक नाले के पानी से गुजर कर जाना होता है, इस पर उन्होंने जवाब दिया की मैं इस मामले पर अमेठी की डीएम से बात करूंगी। जो भी हो सकेगा उसको पूरा करने की कोशिश करूंगी। उन्होंंने कहा ''राहुल जी ने क्या किया है इसके बारे में कुछ नहीं बोलना चाहती हूं, और राहुल गाँधी से क्या अपेक्षा हो सकती है इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती हूं।''
दरअस्ल यहां डीह ब्लाक का गांव ऐसा है जहां पर आजादी से 70 साल पूरे होने के बाद तक गांव जाने के लिए एक कच्चा रास्ता भी नहीं बना है। गांव के बच्चे स्कूल जाने के लिए आज भी खेत की मेढ से लगभग 4 किलोमीटर पैदल चलकर नाले से होकर शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल जाते है। ग्राम प्रधान ने ग्रामीणोंं के साथ ब्लॉक से लेकर जिले तक के विधायक और सांसद तक से अपनी बात कही लेकिन पुल का निर्माण नहीं हो सका। यही नहीं दलित बस्ती में रहने वाले ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है। बरसात के दिनों में नाले में पानी ज्यादा होने से तीन से चार माह बच्चे विद्यालय जाना बंद कर देते हैं। ऐसे में सरकार का सर्व शिक्षा अभियान धरा का धरा रह जाता है। गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, रास्ता आज तक कुछ नहीं हो पाया है।
मज़े की बात ये कि बीजेपी यहां के विकास पर राहुल गांधी को घेर रही जबकि ये क्षेत्र सत्ताधारी विधायक दल बहादुर कोरी का भी है। लेकिन एक ग्राम पंचायत कचनावा के दो पुरवे पूरे गोंडियन, पूरे पासिंन आजादी के 70 साल बाद भी टापू पर बसा है जिसके एक तरफ सई नदी तो दूसरी तरफ महराजगंज ड्रेन का नईया नाला है। इन दो पुरवो में लगभग सौ से अधिक परिवार रहकर निवास कर रहे है। गांव की कुल आबादी लगभग पांच सौ से अधिक है। इन गांवों के कुल 120 बच्चे प्राथमिक विद्यलाय कचनावा, राजकीय इंटर कॉलेज डीह, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज डीह में पढ़ने जाते है। नाले का निर्माण न होने से लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा में मुशीबतों का सामना करना पड़ता है।



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