सुनील गिरी
हापुड़ । दस्तोई रोड पर ऑटो चालक को गोली मारने की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। सलीम का कार सवार बदमाशों ने गोली नहीं मारी थी, बल्कि उसके साथ आए दो लोगों ने किसी को फंसाने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना का खुलासा कोतवाली पुलिस ने महज तीन घंटे में कर दिया। साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक तमंचा व कारतूस बरामद किया है। किठोर निवासी सलीम पुत्र तसरीफ नोएडा में ऑटो चलाता है। मंगलवार की रात वह ऑटो लेकर हापुड़ पहुंचा था। इसी बीच थाना भोजपुर क्षेत्र के गांव तोड़ी निवासी बिलाल अपने भांजे के साथ सलीम के ऑटो में बैठ गया। दोनों सलीम को गांव तोड़ी ले गए। बताया गया था वहां से लौटते समय रात करीब 11 बजे पीछे से कार में आए बदमाशों ने जबरन ऑटो रुकवा लिया और कार से उतर कर गोली चला दी थी। गोली सलीम के हाथ में जा लगी थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षण पकंज लवानिया ने जब घटना की गंभीरता से जांच की तो पूरा मामला ही पलट गया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ऑटो चालक सलीम के माध्यम से बिलाल पुत्र मुस्ताक अपने ही गांव के कलाम पुत्र फरजन्दा को साजिश के तहत घुंघराला बुलाया था। घुंघराला से सलमान पुत्र इंसाफ अली को अपने साथ लेकर ऑटो में बैठ गए। फिर सलीम से कहने लगे कि गांव में कुछ काम है। वापस लौटते समय सलीम को धमकी देते हुए कहा कि तुझे कलाम को फंसाना है। इसके बाद सलमान ने सलीम का हाथ पकड़ लिया और बिलाल ने तमंचे से गोली मार दी। साथ ही ऑटो चालक से कहा कि वह तुरंत 100 नंबर पर फोन करें। फिर एक गोली ऑटो के शीशे पर मार दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल सलीम को अस्पताल में भर्ती कराया। पकंज लवानिया ने बताया कि पुलिस को मामला पहले से संदिग्ध लग रहा था। पुलिस जब मामले की तह में पहुंची तो सारा मामला उल्टा-पुल्टा नजर आया। पुलिस ने महज तीन घंटे में बिलाल व सलमान को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। हल्की सी सख्ती करने पर दोनों टूट गए और पूरा घटनाक्रम बयां किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तमंचा तथा कारतूस भी बरामद कर लिया।


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