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जश्न ए प्रमोद तिवारी कवि सम्मेलन व मुशायरे मे नामचीन हस्तियों को मिला एवार्ड 2018


शिवेश शुक्ला 
प्रतापगढ़। नगर स्थित संकटमोचन मंदिर विशाल हाल मे रविवार की रात सम्पन्न हुये जश्न-ए-प्रमोद तिवारी इण्टरनेशनल कवि सम्मेलन एवं मुशायरे मे सामाजिक क्षेत्र मे योगदान देने वाली कई विभूतियों की स्मृति मे कुछ नामचीन हस्तियों को एवार्ड 2018 प्रदान कर सम्मानित किया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी एवं विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने जलील मानिकपुरी एवार्ड से दोहा कतर से आये शायर जलील निजामी, कैशरूल जाफरी एवार्ड दिल्ली के एजाज अंसारी, नाजिश प्रतापगढ़ी एवार्ड राजीव रियाज, अदम गोड़वी एवार्ड राजमूर्ति सिंह सौरभ, आद्या प्रसाद मिश्र उन्मत्त एवार्ड कवि सुनील प्रभाकर, जुमई खां आजाद एवार्ड अनीस देहाती, इम्तियाजुददीन एवार्ड सत्यप्रकाश शर्मा कानपुर, पं. सरयू प्रसाद तिवारी एवार्ड आचार्य ओमप्रकाश मिश्र, रामनिरंजन भगवन सम्मान विष्णुधर दुबे पत्रकार, रघुवीर सिंह पवन एवार्ड अंजनी अमोघ, महामना पं. रामअंजोर मिश्र एवार्ड अजीत मिश्र, प्रो. गिरिजाशंकर शुक्ल स्मृति एवार्ड समाजसेवी समाज शेखर, डा. अलका तिवारी स्मृति एवार्ड डा. कामायनी उपाध्याय प्रख्यात चिकित्साविद् को अंगवस्त्रम व एवार्ड पदक प्रदान किया गया। वहीं आयोजन समिति की ओर से यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. नीरज तिवारी व प्रदेश महासचिव संजीत तिवारी तथा तिवारी कांस्ट्रक्शन की ओर से सह संयोजक पप्पू तिवारी व शैल सिंह तथा सत्येन्द्र सिंह ने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को सम्मान चिन्ह व शाल भेंटकर सारस्वत सम्मान से नवाजा। पूर्व राज्य सभा सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राष्ट्र एवं समाज मे योगदान देने वाले विभूतियों की स्मृति को संजोकर यह एवार्ड हमारी पीढ़ी को देश और समाज की सेवा मे निरंतर प्रगतिशील बने रहने की अच्छी शुरूआत है। उन्होनें लोगों से देश और समाज के निर्माण मे निश्छल योगदान दिये जाने का भी आहवान किया। अध्यक्षता करते हुये शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि जो पीढ़ी अतीत के सम्मान को धरोहर के रूप मे संजोया करती है। वही राष्ट्र के सृजन का हकदार हुआ करती है। सम्मान समारोह का संयोजन आयोजक अनुज नागेन्द्र व संचालन सह संयोजक ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने किया। इस मौके पर पं. श्याम किशोर शुक्ल, रोहित शुक्ल, कपिल द्विवेदी, डा. नीरज तिवारी, नरसिंह प्रकाश मिश्र, इशहाक खां, इरफान अली, जमुना प्रसाद पाण्डेय, ब्लाक प्रमुख अशोक सिंह बबलू, लालगंज प्रमुख सुरेन्द्र सिंह ददन, चेयरमैन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, रमाशंकर तिवारी, राममिलन तिवारी, भगवती प्रसाद तिवारी, केडी मिश्र, सुधाकर पाण्डेय, डा. वीरेंद्र मिश्र, अजय शुक्ल गुडडू, साकेत मिश्र, रवीन्द्र मिश्र, बृजेश द्विवेदी त्रिभु तिवारी, रवीन्द्र मिश्र, आईपी मिश्र, प्रीतेंद्र ओझा, सिंटू मिश्र, सुधीर तिवारी, अम्बुज मिश्र, आशीष उपाध्याय, सोनू शुक्ल आदि रहे। आभार प्रदर्शन सह संयोजक विकास मिश्र एवं शैलेन्द्र मिश्र ने संयुक्त रूप से किया। 


..... मैं तिरंगे के लिये जान भी दे सकती हूं।
मुल्क से अपने मुझे इतनी मोहब्बत है अना, मैं तिरंगे के लिये जान भी दे सकती हूं। रविवार की रात प्रख्यात शायरा अना देहलवी की मखमली जुबां से जब जश्न-ए-प्रमोद तिवारी इण्टरनेशनल कवि सम्मेलन एवं मुशायरे को कौमी एकता की आवाज की बुलंदी हुई तो हर तरफ से बजने वाली तालियों ने वतन परस्ती का गजब का जलवा बिखेर दिया।
मौसम की अचानक खराबी के बावजूद इण्टरनेशनल कवि सम्मेलन एवं मुशायरे मे आये शायरो व कवियों ने शायरी और कविता के शौकीन लोगों की हिम्मत व दाद देख नगर के संकटमोचन विशाल हॉल मे देर रात से अगली सुबह तक कौमी एकता की यादगार सौगात बखूबी सौंपी। इण्टरनेशनल मुशायरें का आगाज उदघाटन अतिथि शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी व कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता प्रमोद तिवारी व पं. श्यामकिशोर शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि हिन्दुस्तान का तिरंगा हर समय इसलिये शान से लहराता आ रहा है कि मुल्क को जब जब जरूरत पड़ी तो हमारी कौमी एकता ने बुलन्द इतिहास रचा।
उन्होनें कवियों एवं शायरो से समाज तथा देश को जोड़ने के साथ विसंगतियों व बुराईयों से दूर रखने के लिये एक बार फिर कलम को देश के नाम न्यौछावर करने की जोरदार अपील भी की। एमएलसी उमेश द्विवेदी ने भी कहा कि हिन्दुस्तान की मोहब्बत ने दुनिया को एक इंसानियत के मुल्क की शानदार पहचान दे रखी है। दोहा कतर से आये देश दुनिया मे शायर के लिये मशहूर जलील निजामी ने पढ़ा जुस्तजू मे कोई निकला है तिरी सैदाई, एहतियातन मेरे मौला उसे पागल कर दे।
अदब व खुलूस की मिसाल भरी निजामत के साथ दिल्ली के मेहमान शायर एजाज अंसारी ने अजीब हाल है इस दौरे सियासत का, यहां चराग जियादा है रोशनी कम है से महफिल की जिन्दादिली का बड़ा समर्थन हासिल करते दिखे। दिल्ली दूरदर्शन के खालिद आजमी ने भी संजीदगी के बोल- जहां मे जर से जरूरत खरीदी जाती है, गरीब बाप की इज्जत खरीदी जाती है भी खूब सराही गयी। उज्जैन के रईस निजामी मैं आसमानों से मिलता रहा जमीं बनकर, नोएडा की भावना तिवारी कितने ही कारागार बुनों या पहरे लाख बिठा दो तुम पर महफिल झूम उठी, अलीगढ़ की अंजना सेंगर अगर देश मे हिन्दू एकता का आहवान नहीं होगा, तो फिर हिन्दुस्तान यकीकन हिन्दुस्तान नहीं होगा, वहीं कानपुर के आनंद तन्हा ने हमको मालूम गर्दिशों मे दिन आपके, माफ करना हमें जो संभाला नहीं, हलचल टाण्डवी ने लो चाय पेश कर पूरे माहौल को जोश से लवरेज कर दिया। नासिर जौनपुरी ने आपसे से झुककर जो मिला होगा उसका कद आपसे बड़ा होगा भी लोगों को खूब पसन्द आया। काशिफ रजा सहारनपुरी ने मोहब्बत प्यार से बढ़कर कोई मजहब नहीं होता यही गीता मे लिखा है यही कुरान कहता है को भी महफिले अदा मे खूब दाद मिली। जब्बार शारिब झांसी यादों का गुलबान सजा कर रखा है, वहीं दिल्ली के राजीव रियाज ने- वो कत्ल करके भी बैठे हुये है संसद मे, मैं एक रोटी चुराकर तिहाड़ जेल मे हूं को श्रोताओं ने दोबारा सुनकर हौसला आफजाई की। कानपुर के सत्य प्रकाश शर्मा ने तुम जो चोला पहन के निकले हो, ये तुम्हारा लिबास थोड़ी है पर भी श्रोताओं की पसन्द परवान चढ़ी दिखी। वहीं दिल्ली के हामिल अली अख्तर ने कैसे बीती रात न पूछ, मुफलिस से हर बात न पूछ को भी तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुना गया। अध्यक्षता करते हुये रायबरेली के अदबी शायर नाज प्रतापगढ़ी नब्ज डूबी हुई फिर से पलट आयी मेरी, हो न हो उसने छुई होगी कलाई मेरी के शायराना अंदाज पर भी मुशायरे व कवि सम्मेलन की ढ़लती रात अलमस्त हो उठी दिखी। इसके अलावा राजमूर्ति सिंह सौरभ, डा. राजेन्द्र राज, निर्झर प्रतापगढ़ी, सुनील प्रभाकर, अंजनी अमोघ, अनीस देहाती, दयाशंकर शुक्ल हेम, परवाना प्रतापगढ़ी ने भी कविता व शायरी की एक से बढ़कर बेहतरीन प्रस्तुतियों के बीच मुशायरे को कामयाबी के मुकाम पर ला खड़ा कर दिया। आयोजक अनुज नागेन्द्र आभार की पंक्तियों के बीच- अब न हरगिज नफरतो-तकरार की बाते करें, आइये मिल बैठकर कुछ प्यार की बातें करें के जरिये गंगाजमुनी मुशायरे के मकसद को अंजाम दिया। अन्त मे सह संयोजक ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने अतिथियों एवं मेहमान शायरों तथा कवियो को आयोजन समिति की ओर से दिली आभार जताया। 



खूबसूरत मंच के आंधी व तूफान के भेंट चढ़ने पर छायी उदासी,
 मौसम के अचानक करवट बदलने से नगर मे होने वाले रविवार की रात इण्टरनेशनल कवि सम्मेलन व मुशायरे मे थोड़ी देर के लिये आयी बाधा से रौनके महफिल मे शुरूआती उदासी देखी गयी। कार्यक्रम स्थल बहुगुणा पीजी कालेज का मैदान जोरदार बारिश से लथपथ हो उठा। यहां तक कि दिल्ली के लालकिले की खूबसूरती लिये छायांकन मंच को भी श्रोताओं की लाख कोशिश के बावजूद ढहने से बचाया नहीं जा सका। आकर्षक विद्युत सजावट के साथ पाण्डाल को भी देखते ही देखते बिखरते देख आयोजकों की आंखे तो भर ही आई बल्कि मैदान मे मौजूद हजारों लोग के चेहरे पर मायूसी तैर उठी। हर कोई मैदान मे मंच की खूबसूरती की दाद दे रहा था। वहीं बाहर से आये कवियो और शायरों मे भी इतने खूबसूरत और बड़े मंच से पढ़ने की ललक पूरी न हो पाने का दर्द साफ झलक उठा दिखा। कालेज के गेट से लेकर मैदान तक भारी पुलिस व्यवस्था के साथ प्रशासनिक प्रबन्धों मे भी आयोजन मे अचानक प्राकृतिक बाधा के बाद ऐहतियाती प्रबन्ध देर रात तक जारी दिखा।



पूरी रात जमें रहे प्रमोद तिवारी, शायरो व कवियों के साथ लोगों का बढ़ाया उत्साह
 जश्न-ए-प्रमोद तिवारी इण्टरनेशनल कवि सम्मेलन एवं मुशायरे के शुरूआत होने के पहले रविवार की रात आई तेज आंधी व बारिश से लोगों को आयोजन के रददन होने का एहसास होने लगा। किंतु आनन फानन मे आयोजन समिति से जुडे पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नगर के संकटमोचन विशाल हॉल मे मंच व लाइट तथा माइक आदि के अविलम्ब बेहतरीन प्रबन्ध कर मुशायरे व कवि सम्मेलन को लेकर श्रोताओं की हसरत को फीका नहीं पड़ने दिया। पूरे आयोजन के दौरान शाम से ही अपने स्थानीय आवास पर आ जमे वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी भी पूरी रात मंच पर जमे रहकर कवियों व शायरो के साथ लोगों की हौसला आफजाई करते दिखे। प्रमोद तिवारी अगली सुबह होने पर एमएलसी उमेश द्विवेदी के साथ कार्यक्रम स्थल से बाहर निकले, प्रमोद तिवारी की पूरी रात मौजूदगी को लेकर आयोजकों व मेहमान कवियों एवं शायरो के साथ लोगों की जुबान पर उनकी तारीफ भी हर तरफ से सुनीं व देखी गयी। 


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