गोंडा:-भगवान् घनश्याम महाराज की जन्म स्थली स्वामिनारायण मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय कथा परायण में मुख्य यजमान सांख्य योगी बहन विलास बेन व प्रमिला बेन ने वैदिक मंत्रोचार के साथ कलश पूजन, पृथ्वी पूजन, देव पूजन सहित अनेक संस्कार कराये। महिलाओं ने सिर पर पवित्र धार्मिक ग्रंथ रखकर पोथी यात्रा निकाला। गुजरात के गढपुर स्वामिनारायण मंदिर के महंत कथा व्यास पीठाधीश्वर स्वामी घनश्याम बल्लभदास जी महराज ने भगवान घनश्याम महराज के बाल चरित्र की लीलाओं का सजीव चित्रण किया। उन्होंने कहा कि भगवान् का वास कण कण में होता है। सच्ची श्रद्धा से भक्ति की जाय तो फल जरूर मिलता है। भगवान् अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते हैं बल्कि उनकी सहायता और रक्षा करते। इससे पहले हरिभक्तों ने पवित्र नारायण में स्नान किया। मंदिर के महंत ब्रम्हचारी स्वामी वासुदेवानंद जी महराज, ब्रम्हचारी स्वामी हरिस्वरूपा नंद महाराज ने आरती करायी।उन्होंने कहा कि सम्मान पूर्वक सेवा करके ही भगवान की भक्ति की जा सकती है। प्रसाद वितरित किया गया। हरि प्रिया नंद स्वामी, कृष्ण नंदन स्वामी, डी के स्वामी,
अम्बा लाल भाई,माधवराम तिवारी, चिराग भाई,कल्पेश भगत, जयदीप भगत, शान्ति लाल महराज, अशोक मोदी, अयोध्या भाई, राजा भगत, पप्पू तिवारी, डॉ रामनारायण गुप्त, पुरूषोत्तम भाई, अयोध्या,श्याम जी भाई, काणों भाई, बालू भाई, रवजी भाई, घनश्याम भाई, दिनेश, रमेश, बाबू, संजय, भूपति, महेंद्र, भाई सहित सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष हरिभक्त रहे।


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