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परिवार नियोजन में पुरूषों को भी निभानी चाहिए अपनी भूमिका:राज शेखर


प्रतापगढ़। मंगलवार को स्थान मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में तरुण चेतना व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रतापगढ़ द्वारा परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जिला कार्यक्रम प्रबन्धक राज शेखर ने कहा कि परिवार नियोजन में पुरूषों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए तभी हमारे समाज व परिवार का संतुलित विकास होगा। श्री शेखर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए उपस्थित लोगों से परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
    इस अवसर पर आयोजक संस्था तरुण चेतना के निदेशक नसीम अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और 3.0 की कुल प्रजनन दर के साथ उच्च प्रजनन दर वाला राज्य भी है। सिफ्सा की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गर्भावस्था एवं प्रसव से सम्बन्धित जटिलताओं के कारण एक लाख जीवित जन्मों में मातृ मृत्यु दर 258 है, जिसके लिए गुणवत्तापरक परिवार नियोजन सेवाओं का अभाव एक महत्वपूर्ण कारक है। 
 श्री अंसारी ने बताया कि मातृ मृत्यु मुख्य कारणों में गर्भावस्था एवं प्रसव से सम्बन्धित जटिलतायें, गुणवत्तापरक परिवार नियोजन सेवाओं का अभाव, जानकारी तथा असुरक्षित गर्भसमापन है। महिलाओं के लिए परिवार नियोजन सेवाओं और आपातकालीन प्रसूति संबंधी देखभाल सम्बन्धी सेवाओं को मजबूत करके करीब 75 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है।
     कार्यशाला में चिकित्सा अधीक्षक डा0 ओ0 पी0 सिंह ने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में केवल महिला भागीदारी है किन्तु पुरूष न के बराबर है चाहे वह पुरूष नसबन्दी (2.75 प्रतिशत) हो अन्य अस्थायी साधनों ( जैसे  कण्डोम 20 प्रतिशत)  के बारें में। 14 प्रतिशत महिलायें अगला बच्चा नहीें चाहती है तथा 5 प्रतिशत महिलायें बच्चों के बीच में अन्तर चाहती हैं, इसे हमें प्रोत्साहित करना होगा।
   इस अवसर पर आयोजक संस्था के मो0 समीम ने कहा कि सरकार लगातार परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारी, सेवाओं की उपलब्धता एवं परिवार नियोजन सामग्री की आपूर्ति को लेकर लगातार प्रयास भी कर रही है किन्तु कहीं न कहीं परिवार नियोजन को लेकर सारा ध्यान महिलाओं पर चला जाता है और पुरूष भी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से दूर हो जाते है चाहे वह समुदाय के हो या स्वयं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता हो इसलिए  आज जरूरी है कि समुदाय के साथ स्वास्थ्य विभाग पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी इसकी जिम्मेदारी दे न कि केवल आशा व ए.एन.एम तक।
     इस अवसर पर मैसवा मैन हकीम अंसारी ने बताया कि जिले में पिछले एक साल से परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी बढाने को लेकर समुदाय व शैक्षणिक संस्थानों के युवाओं के साथ जागरूकता बढाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत जिले में समानता के साथी या जेण्डर चैम्पियन को चिन्हित कर उनके साथ में आरिसेन्टशन किया जा रहा है। 
    सहयोग-लखनऊ के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में आशीष कुमार  , श्याम शंकर शुक्ल, डा0 अच्छेलाल व सोनिया गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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