ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। एक तरफ जहां दूषित होते पर्यावरण को लेकर शासन - प्रशासन गंभीर है और इसके लिए हरे भरे वृक्षों की अंधाधुंध कटान को रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए फरमान जारी कर रहा है, वहीं जिले के मोतीगंज थाने का एक दरोगा हाकिमों के हुक्म को ठेंगा दिखाते हुए बगैर परमिट के ही प्रतिबंधित हरे पेड़ों को साफ कराने पर आमादा है। ताजा मामला मोतीगंज थाना क्षेत्र के पेड़ारन गांव का है जहां हल्के के दरोगा ने ठेकेदार से रूपये लेकर बगैर परमिट के ही सागौन के 10 हरे पेड़ों को कटवा दिया।
बताते चलें कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन जिले भर में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा वृक्षारोपण किया गया। जिले के पुलिस प्रमुख लल्लन सिंह ने भी पेड़ रोपित किए और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। पांच जून को लगभग जिले के सभी थानों में पेड़ लगाए गए और लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई। अभी विश्व पर्यावरण दिवस को बीते 24 घंटे ही हुए थे कि मोतीगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पेड़ारन के दुमचियक पुरवा में हल्का दरोगा ने ठेकेदार अब्बास से रूपये लेकर अपने 'रिस्क' पर सागौन के 10 हरे पेड़ों को बगैर परमिट के ही कटवा दिया। अवैध रूप से सागौन के पेड़ों को काटे जाने की सूचना गांव के ही एक जागरूक युवक द्वारा इस संवाददाता को दी गई। जब यह संवाददाता मौके पर पहुंचा और पेड़ों को काटने की परमिट के बारे में पूछा तो ठेकेदार अब्बास ने कहा कि 'दरोगा जी ने कहा था कि अगर कोई रोकने या कुछ पूछने आएगा तो मेरी बात करा देना।' यह कहते हुए वह हल्का दरोगा को फोन लगाने लगा, लेकिन इस संवाददाता ने दरोगा से बात करने से इंकार कर दिया। इस सम्बंध में मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके न्यायालय में होने के कारण बात नहीं हो सकी।
थाने पर मौजूद दरोगा हरिद्वार तिवारी ने भी जानकारी से अनभिज्ञता जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि तुरंत दिखाया जा रहा है। यदि बगैर परमिट के पेड़ काटे जा रहे हैं तो कार्रवाई होगी।



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