सुनील उपाध्याय
बस्ती । रविवार को पदोन्नति में आरक्षण के केन्द्र सरकार के निर्णय के विरोध में सवर्ण लिबरेशन फ्रण्ट और उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ एवं सर्वजन हिताय संगठन की ओर से हाथों में काला पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष पदोन्नति में आरक्षण के विरोधी एकत्र हुये और सभाकर सरकार के निर्णय को मेधा विरोधी बताया। निर्णय लिया गया कि 23 जून तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध ढंग से जारी रखा जायेगा।
सभा को सम्बोधित करते हुये एसएलएफ संयोजक दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का निर्णय पूरी तरह से अवैधानिक, विधि विरूद्ध और वोट की लालच में लिया जाने वाला फैसला है। इस निर्णय से योग्यता का कदम-कदम पर अपमान होगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ अध्यक्ष अम्बिका पाण्डेय ने कहा कि सरकारी नौकरियों में ज्येष्ठता और श्रेष्ठता का सम्मान होना चाहिये। पदोन्नति में आरक्षण स्वीकार्य नहीं है। इससे असमानता बढेगी और काम काज का स्तर प्रभावित होगा। सर्वजन हिताय संगठन के स्कन्द मिश्र ने आवाहन किया कि इस निर्णय के विरोध में व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जाय। राष्ट्रवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष कैलाशनाथ शर्मा ने कहा कि अवसर योग्यता को दिया जाना चाहिये, जातियों को नहीं। सरकार का यह निर्णय योग्यता का खुला अपमान है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में आयोजित आन्दोलन में दिवाकर सिंह, जितेन्द्र नारायण पाण्डेय, चन्द्रभूषण द्विवेदी, सन्तोष मिश्र, रमाशंकर मिश्र, भावेष शुक्ल, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, प्रवेश शुक्ल, राहुल, अवनीश सिंह, बागीश सिंह, विवेक पाण्डेय, प्रिन्स सिंह के साथ ही अनेक लोग शामिल रहे।


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