सुनील उपाध्याय
बस्ती यूपी । योग साँस के नियन्त्रण को शारीरिक रूप से पुष्ट रखता है। ध्यान मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। योग से मनोवैज्ञानिक रूप से अच्छा महसूस करना, जीवन प्रसन्नचित होना, समाज के साथ अच्छे से जुड़ना, कल्याणकारी कार्यों के साथ संतुष्टि का आभास होना संभव हो पाता है। योग के परिणमस्वरूप् प्राप्त सत्य, धर्म, शांति, प्रेम तथा अहिंसा हमारे जीवन को सदैव सुखमय बनाते हैं तथा इन्हीं के पालन से आध्यामिकता को महसूस किया जा सकता है। योग से उद्देश्यपूर्ण जीवन का निर्माण होता है। व्यक्ति में जागृति, चेतनता, सजगता बनी रहती है, जिससे उसे अपने द्वारा किए गये कर्मों, विपारों की जानकारी होती है, वह एक होशपूर्ण, सैद्वान्तिक और अच्छे इंसान की तरह जीता है।
योग से सर्वांगीण स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है, शरीर पुष्ट रहता है, मन शांत रहता है। सभी ओर से खुशियाँ मिलती है। जीवन में कौशल का विकास होता है, सम्पूर्णता की कामना होती है, चित्त प्रसन्न रहता है, हर प्राणी में जीवन दिखाई देता है, जीवन जीने का आनंद आता है।
उक्त जानकारी योग से होने वाले लाभ की चर्चा करते हुए जिला संयोजक सौरभ तुलस्यान ने राजकीय कन्या इण्टर काॅलेज के प्रांगण में प्रातः 5 बजे 6ः30 बजे तक प्रतिदिन चल रहे योग शिविर में बताया। शिविर में आज ग्रीवा संचालन ,स्कन्ध संचालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, पादहस्तासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, कपालभारती, नाड़ीशोधन, शीतली, भ्रामरी आदि आसन और प्राणायाम का अभ्यास प्रोटोकॉल के अनुसार कराया गया।
सौरभ तुलस्यान ने बताया कि अधिक से अधिक से लोगों को योग से जोड़ने के लिए जिला स्टेडियम में डीपीआरओं के सहयोग से लगभग 300 कर्मचारियों को योगाभ्यास कराया।
मण्डल संयोजक डाॅ0 जे पी सिंह ने बताया कि चतुर्थ अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून में कराये जाने वाले योगासन एवं प्रााणयाम का अभ्यास प्रतिदिन प्रोटोकाॅल के अनूसार बस्ती मण्डल के तीनों जनपदों में विभिन्न स्थानों पर कराया जा रहा है। चतुर्थ अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के सफल आयोजन की व्यापक तैयारी हेतु एक बैठक योग शिक्षकों के साथ आज तुरकहिया स्थित सुपरकिड्ज एकेडमी के हाॅल में हुई। जिसमें सभी प्रशिक्षकों को योग की बारीकियों से अवगत कराया गया तथा 21 जून को मण्डल में विभिन्न स्थानों पर होने वाले आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तय की गयी। बैठक की अध्यक्षता डाॅ0 जे पी सिंह ने किया। निर्मला श्रीवास्तव, माधुरी सिंह, सचि श्रीवास्तव, मनोरमा सिेह, पुष्पा, चन्द्र प्रकाश चैधरी, मनीषा शुक्ला, सरवन आदि योग शिक्षक उपस्थित रहे।


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