डॉ ओपी भारती
गोंडा:- पानी के खोज में जंगली जानवर अब गांवो का रुख करने लगे है। पानी न बरसने से जल स्तर काफी नीचे पहुच चुका है।नदी ताल तलैया सूखने से जंगली जानवरों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।वजीरगंज क्षेत्र के बौरिहा गांव में लोगो द्वारा तेंदुआ देखे जाने से आम जन में ख़ौफ़ का माहौल है। दहशत का आलम यह है कि लोग बच्चो को अपने अपने घरों में बैठायेे हुए है बाहर नही निकलने दे रहे है। क्षेत्र के नागरिकों द्वारा तेंदुआ देखे जाने की सूचना पर गत दिवस की देर शाम से ही वन बिभाग की टीम ने गांव मे डेरा डाल दिया है । वन बिभाग की टीम लगातार कांम्बिग कर तेदुंआ को खोजनें में लगी हुई है । स्थानीय वन दरोगा अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे वनरक्षक सोहवत लाल यादव व जमुना प्रसाद दूबें ने गांव वालों को साथ लेकर पूरा दिन तेदुंए की तलास किया , लेकिन दो दिनों से चल रही तलासी अभियान मे वन बिभाग अब तक खाली हाथ है , जिससे टीम का सिरदर्द बढ़ता जा रहा है । अब तक वन बिभाग केे कर्मी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सके है ।वन बिभाग की ओर से तेंदुए के खोज का जिम्मा संम्भालें वन दरोगा अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शिव कुमार, कोलई, अशोक सहित अन्य लोगों ने पीपल के पेंड के नीचे तेदुंए को देखे जानें की सूचना दी थी ।जिसके बाद इलाके मे खोजबीन की जा रही है ।अभी तक केवल तेंदुए के पंजे का निशान मिला है । जिसे पहचान कराए जाने के लिए फोटो एक्सपर्ट के पास भेजी जा रही है । क्षेत्र मे गन्ने की हजारों बीघे फसल होनें के कारण तेदुआ ढूंढनें मे परेशानी हो रही है । फिलहाल ग्रामीणों के साथ मिलकर तेंदुए खोजने का प्रयास किया जा रहा है।


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