खुर्शीद खान
सुलातानुपर, यूपी. दो सगी बहनों के हाथ ग़रीबी के चलते पीले नहीं हो सके थे। बूढ़े बाप को ये ग़म रह-रह कर कचोट रहा था, तभी एक रिटायर्ड इंजीनियर इन लड़कियों के लिए फ़रिश्ता बनकर सामने आया और मुस्लिम रीति रिवाज के साथ दोनों का ब्याह कराया।
बल्दीराय तहसील क्षेत्र के चककारी भीट गांव का मामला
मामला ज़िले के बल्दीराय तहसील क्षेत्र के चककारी भीट गांव का है। गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम की दो पुत्रियों शादी के काबिल हो चुकी थी और पैसे के अभाव में इनकी शादियां नही हो सकी थी। इस बात की खबर जब इब्राहिमपुर गांव निवासी रिटायर्ड इंजीनयर फजलुर्रहमान को हुई तो उन्होंंने दोनों की शादी का बीड़ा ख़ुद उठा लिया।
ख़ुद तय कराए रिश्ते
इंजीनयर फजलुर्रहमान ने मोहम्मद इस्लाम की बेटी आमिना बानो पुत्री का रिश्ता इसौली गांव निवासी मोहम्मद हनीफ के बेटे मोहम्मद शकील और दूसरी बेटी मोमिना बानो की शादी सुलतानपुर शहर के निवासी मोहम्मद तेजई के बेटे मोहम्मद सलमान से तय कराई। फिर फजलुर्रहमान ने दहेज़ में गृहस्थी के सारे सामान अपने पास से देकर एक मिसाल कायम किया।
पुण्य काम मे धर्म और मज़हब नही देखना चाहिए
आपको बता दें कि फजलुर्रहमान रिटायर्ड इंजीनियर है,जो लखनऊ में सपरिवार रहते है। सेवानिवृत्त होने के बाद वो समाज सेवा में जुट गये है। उन्होंने ने अपने पैतृक गांव इब्राहिमपुर में एक मैरिज हाल का भी निर्माण कराया है, जिसमे गरीबो के लिए निःशुल्क व्यवसथा देते है। उनका कहना है कि गरीबो की मदद के लिए क्षेत्र लोगो को आगे आना चाहिए। ये पुण्य का काम है और इसमे धर्म और मज़हब नही देखना चाहिए।




एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ