गोंडा। आखिरकार अनुसूचित जनजाति आयोग के आदेश पर मनकापुर पुलिस ने एक वर्ष आठ माह छः दिन बाद दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज ही कर लिया
क्या है मामला
मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के कुडासन गांव के रहने वाले सोनू पुत्र तिलकराम ने पुलिस को दिए तहरीर में कहा है कि 16 अगस्त 2016 को उसके पड़ोसी कमलेश से आबादी की जमीन के कब्जेदारी को लेकर विवाद हो गया था। गांव वालों के जरिए पंचायतन जमीन विवाद शांत करा दिया गया था।लेकिन विपक्षी कमलेश का सहयोगी अनिल कुमार उपाध्याय पंचायती समझौता के दो दिन बाद सुबह आठ बजे एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ बाइक से प्रार्थी के दवाजे पर आए और कमलेश का पक्ष लेकर अमर्यादित भाषा मे गाली देने लगे प्रार्थी के मना करने पर विपक्षी व उसका सहयोगी डंडे से उसको मारने लगे।
माँ और पत्नी को भी पीटा था
पीड़ित की मां मुन्नी देवी और पत्नी संगीता बीच बराव करने दौड़ी तब उन लोगों ने उन्हें भी मारापीटा और उनके साथ छेड़खानी भी की। हल्ला गुहार सुनकर गांव वाले आने लगे तब विपक्षी लोग धमकी देते हुए भाग गए।
उच्चधिकारियो के चौखट पर भी नहीं मिला न्याय
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस, एसपी, डीआईजी से की परंतु कहीं से भी न्याय नही मिला। पीड़ित ने मजबूरन उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जानजाति आयोग का दरवाजा खटखटाया जहां से पीड़ित को न्याय दिलाते हुए आयोग अध्यक्ष द्वारा पुलिस कप्तान को मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आदेश जारी कर दिया। कप्तान के आदेश पर पुलिस ने अनिल कुमार उपाध्याय पुत्र राम अभिलेख उपाध्याय निवासी ग्राम देवरिया मनकापुर व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धारा के अंतर्गत केस दर्ज किया है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ