अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर के प्रमुख नदी राप्ती प्रत्येक वर्ष बरसात शुरू होते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर देती है । राप्ती नदी बड़ी तेजी से अपना रास्ता बदलती है और इसी दौरान आसपास के तमाम गांव नदी के जद में समा जाते हैं । कुछ गांव को बचाने के लिए जिला प्रशासन थोड़ी बहुत प्रयास भी करता है परंतु वह नाकाफी साबित होता है । पिछले दिनों हुई बरसात के बाद पहाड़ी नालों में आए उफान से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के तटबंधों पर कराए गए कार्यों की पोल खुल गई थी, जिसकी खबर लाइव टुडे ने प्रमुखता से प्रसारित की थी । खबर का संज्ञान लेते हुए जिला अधिकारी कृष्णा करुणेश ने राप्ती नदी के किनारे बसे उतरौला तहसील के गांव भवन पुरवा तथा कर्माडीह एवं सदर तहसील के ग्राम टेंगनहिया मानकोट मे राप्ती नदी द्वारा हो रहे कटान का निरीक्षण संबंधित अधिकारियों के साथ जाकर किया । साथ ही उन्होंने पूर्व में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता जांच कराने के लिए बात कही । जिलाधिकारी ने पूर्व में कराए गए कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश भी दिए । उन्होंने कटान के जद में आने वाले गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रभावित लोगों को आवास उपलब्ध कराया जाएगा ।


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