अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। लेखपालों द्वारा 8 सूत्री मांगों को लेकर गत 3 जुलाई से कार्य बहिष्कार किया जा रहा है जिसके कारण आय, जाति तथा निवास प्रमाण पत्र बनवाने वाले आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । प्रमाण पत्र निर्गत ना होने से तमाम लोगों के कार्य बाधित हो रहे हैं । शासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया है । मुख्य सचिव राजस्व ने प्रदेश के समस्त जिला अधिकारियों को पत्र लिखकर उन्हें संबंधित जिलों के सभी उपजिलाधिकारियों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया गया है कि जब तक लेखपाल कार्य बहिष्कार कर रहे हैं तब तक ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों को आय, जाति तथा निवास प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट के लिए नामित किया जाए जिससे कि आम जनता को परेशानी ना होने पाए । आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है की पूर्व निर्धारित समय अवधि के अंतर्गत ही आख्या रिपोर्ट प्रेषित करने होंगे । जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वह तत्काल अपने अधीन तहसीलदार व कानूनगो को निर्देशित करें कि वे ग्राम पंचायत अधिकारी तथा ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए आख्या प्राप्त करें और उस आधार पर निर्धारित समय के अंदर आवेदनकर्ता को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें । शासन के इस निर्णय के बाद प्रमाण पत्रों के लिए तहसीलों का चक्कर काट रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद जागी है ।


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