रमेश कुमार मिश्र
गोण्डा।गोण्डा के परसपुर थानाक्षेत्र के ग्राम सभा सरैयां में दबंग कोटेदार बेलगाम हो गया है।और खुलेआम गरीबो के हक(राशन)पर डाका डाल रहा है।4-4महीने तक का राशन खुले बाजार में बेचा जारहा है।बार-बार शिकायत के बाबजूद प्रशाशनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए है।कही सत्तापक्ष के नेताओ का हाथ तो नही है दबंग कोटेदार के ऊपर।आदि बातो को लेकर गाँव में चर्चाओ का बाजार गर्म है।
क्या है मामला
बताते चले की गोण्डा जिले की करनैलगंज तहसील के परसपुर ब्लाकक्षेत्र में ग्रामसभा सरैया का दबंग कोटेदार देवनरायन तिवारी बेलगाम हो चुका है जो गरीबो के हक में आया राशन खुलेबजार में बेंच रहा है वो भी खुलेआम जहाँ ना किसी अधिकारी का डर है नाही किसी शिकायत का।ये है असली योगी सरकार के वफादार कारीन्दे जो 2019के आम चुनाव में अहम भूमिका निभाने को तैयार है।जिसका प्रमाण है की उप चुनाव में भूमिका निभा चुके है गरीबो का हक खाकर।वही गाँव के गरीब वा कमजोर लोगो का बना राशन कार्ड भी निरस्त कराया जारहा है।और अमीर व नौकरी पेशा लोगो का राशन कार्ड बनाया जारहा है।वो भी जिले के अधिकारियों के सामने।जहाँ दबंग कोटेदार के सामने प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।जिसकी शिकायत गाँव के गोबिन्द शरन तिवारी पुत्र देवीदयाल तिवारी आदि लोगो ने कयी बार अधिकारियों के चौखट पर जाकर की।लेकिन मामले को हर बार ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया।यहाँ तक की शिकायत कर्ता गोबिन्द शरन तिवारी को दबंग कोटेदार ने अपने मेली मददगारो के साथ मिलकर रास्ते में दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया।परसपुर थाने में मुकदमा भी दर्ज है फिर भी कोई कार्यवाही दबंग कोटेदार देवनरायन तिवारी के ऊपर ना होना गाँव में जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है।गाँव के लोगो के मुख पर एक ही शब्द आता है की कोटेदार की मदद सत्तापक्ष के नेताओ द्वारा की जारही है। और तो और जिन गरीबो के लिए सरकार सारे नियम कानून बनाती रहती है।और सस्ते राशन उपलब्ध कराती है।उन्ही गरीबो के हक पर अमीर लोग मालामाल हो रहे है।और गरीब बेचारे मारे मारे फिर रहे है।जबकि डीएम गोण्डा जेबी सिंह इन्ही खाद्दान्य माफियाओं के कारण शासन का शिकार हो चुके है फिर भी प्रशासन खाद्दान्य माफियाओं की हाँ हजूरी में लगा हुआ है।
क्या कहते है जिम्मेदार
एसडीएम करनैलगंज से फोन पर सम्पर्क करने की कोसिस की गयी तो फोन की घन्टी बजती रही और फोन रीसिव नही होरहा था।जिससे पता चलता है की जनसमस्याओं के निस्तारण में कितने सक्रीये है जिले के जिम्मेदार अधिकारी।


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