गोण्डा :- इलाहाबाद बैंक मसकनवा के मैनेजर के अपने कक्ष पर न बैठने व उनकी ढिठाई के कारण सैकड़ों किसान,छोटे व्यापारी आदि मैनेजर एसके साहू से मुखातिब न हो पाने पर बैरंग लौटना पड़ता है।विदित हो कि एक वर्ष पूर्व अज्ञात कारणों से बैंक में आग लग जाने के कारण पुनः बैंक का सौन्दर्यकरण अच्छे ढंग से किया गया।जिसमें बैंक मैनेजर का कक्ष बैंक गेट के पास बनाया गया जिससे उपभोक्ता को लाभ मिल सके। लेकिन बैंक मैनेजर अपने कक्ष में न बैठकर बैंक के अन्य कर्मचारियों के बैठने वाले काउंटर के पीछे एक अस्थायी कुर्सी मेज लगाकर बैठे रहते हैं। जिससे बैंक में आने वाले किसान,छोटे मोटे व्यापारियों सहित अन्य लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं।व्यापारीयों का कहना कि इलाहाबाद बैंक मसकनवा मैनेजर एस के साहू जब से पद संभाला है तब से वह अपने केबिन में न बैठकर ज्यादातर पीछे बैठे ही दिखाई पड़े हैं।वही आर्थिक रूप से तंग दलित युवक मधुर कुमार भारती का बी फार्मा के लिये बीबीडी विश्वविद्यालय में सेलेक्शन हो गया।जिसके लिए आर्थिक रूप से तंग युवक को एजुकेशन लोन लेने के लिये विद्यालय द्वारा सभी प्रक्रियाएं पूरी करके मैनेजर एसके साहू से मिला।लेकिन मैनेजर साहब ने सीधे तौर पर लोन देने से मना कर दिया।जबकि केंद्र व राज्य सरकार का सख्त निर्देश है कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को त्वरित एजुकेशन लोन दिया जाये।साथ में यह भी कहा है कि ऐसे लोन न देने वाले मैनेजरों के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जायेगी ।लेकिन उसके उलट मैनेजर उक्त आदेशों की सरे आम धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। उक्त उदाहरण तो नाम मात्र है जबकि ऐसे सैकड़ो मामले देखने को मिल रहे है।जिससे उपभोक्ताओं को बार बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।


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