राजकुमार शर्मा
बहराईच:- सीमावर्ती विकाशखण्ड नवाबगंज क्षेत्र में पंचायत विभाग इन दिनों बना है भ्रस्टाचार्य का अड्डा। जहाँ राज्य से लेकर केंद्र तक योगी व मोदी सरकार भ्रस्टाचार्य के खिलाफ कार्यवाही करने का खोखला दावा किया जाता है। वही इस विकाश खण्ड के भ्रस्ट कर्मचारी व जिम्मेदार भी इस पहलू में साथ निभाने से पीछे नही हटते दिखते। कारण ग्रामप्रधान से लेकर ग्राम सचिव,खण्ड विकाश कार्यालय के मुखिया व कर्मचारी भी बहती गंगा में हाथ धोते रहते है। फिर भी जिले के मुखिया इन भ्रस्ट प्रणाली से अब तक क्यो बेखबर है।कब तक सब कुछ जानते हुए भी साहब चुप्पी लगाएंगे यह तो कुछ कहा नही जा सकता।फिलहाल जनता हमेशा की तरह ब्लॉक ,तहसील, समाधान दिवश,व जिला मुख्यालयों का दरवाजा शिकायतकर्ता खटखटाएंगे। कुछ इस तरह का प्रकरण इसी विकाशखण्ड के ग्रामपंचायत जैतापुर का देखने को मिला। विकाश के नाम पर ग्रामपंचायत का अवलोकन किया जाए तो यह अंदर से खोखला शाबित होता दिख रहा है।
क्योंकि इस ग्रामपंचायत के प्रधान ने विकाश कार्य केवल कागज पर सिमट कर अब तक रख दिया है। जो धन विकाश के नाम पर बैंकों से अब तक निकलता रहा वही ग्रामप्रधान ,ग्राम सचिव ,व संबंधित उच्चस्तरिये अधिकारी मिली भगत कर धन का बंदर बाट करते रहे है। यह भ्रस्ट खेल पिछले सात सालों से इसी तरह होता रहा क्योकि पिछली प्रधानी में यही प्रधान जी प्रधान रहे है।जिन्होंने कागजो पर ही ग्रामपंचायत का विकाश अब तक कराया है।
ज्ञात हो कि इस ग्रामपंचायत में चौदहवाँ वित्त,राज्यवित्त,मनरेगा आदि सभी वित्तीय योजनाओ के तहत कराये गए विकाश कार्य का यदि सुदृणता से जांच किया जाए तो यह सच्चाई सभी के सामने आने से नही बच्च सकती।फिरभी अबतक कैसे यह खेल होता रहा इसका पुख्ता सबूत ग्राम पंचायत खुद ब खुद बया करता दिख रहा है।परंतु इस घिनौने खेल का कुछ अंश जिम्मेदार अधिकारी खुद कटघरे में खड़े होते दिख रहे है।
मालूम हो कि कुछ महीने पहले इस ग्रामपंचायत का सर्वे किया गया था जिसमे शौचालय बनवाने का धन गबन करने का साक्षय सामने आया।जिसपर कार्यवाही भी किया गया।लिहाजा कार्यवाही इन दिनों ठंडे बस्ते में चल गया।इसी तरह चार तालाबो का सुंदरीकरण मात्र कागजो पर ही सिमट कर धन का बंदरबाट हो गया ।प्रधानमंत्री आवास योजना में भी लाभार्थियों से 20 20 हजार धन का वसूली किया गया जिसमें कई लाभार्थियो का आवास अब भी पूर्ण नही हो सका। कुछ अभी तक पूर्ण रूप से लाभान्वित नही हो सके।
जानकारी अनुसार इस ग्राम पंचायत में खरंजा , नाली ,सड़क, पानी , शवचले आदि सरकारी योजना का लाभ धरातल के बजाय केवल कागजो पर ही सिमटा हुआ है।क्या इस भ्रस्ट प्रधान के लिए अधिकारी की कानो में जू नही रेंगेगा।
वही ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में कई बार उच्चस्तरिये अधिकारियों को लिखित सूचना दी गयी परंतु अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है।यह तो वह चारितार्थ साफ साफ झलाजता है सच्चाई छिप नही सकती बनावट के वसूलों से ,खुसबू आ नही सकती बनावट के वसूले से।आगे देखना है कि क्या जिला की मुखिया इस प्रकरण पर कोई कार्यवाही करेंगी क्योकि अब तक यह महज एक कागजो पर सिमट हुआ रहस्य ही बना हुआ है।
क्या कहते है जिम्मेदार
जब इस सम्बंध में सीडीओ बहराईच से जानकारी ली गयी तो सीडीओ का कहना था अभी इस संबंध में हमे जानकारी नही है। शिकायत मिली तो जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी।
क्या कहते है ब्लॉक मुखिया
जब इस संबंध में बीडीओ नवाबगंज से जानकारी ली गयी तो साहब जी का फ़ोन ही ब्यस्त बताता रहा जिससे जानकारी नही मिल सकी।




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