सुनील उपाध्याय
बस्ती ।एंबुलेंस न मिलने पर पुलिस ने एक लाश का तमाशा बना दिया। पुलिस ने लाश को रिक्शे पर रखकर उसे देर तक शहर में घुमाया। इस दौरान लाश का आधे से ज़्यादा हिस्सा रिक्शे से बाहर लटका रहा। प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के जिले में डेड बाडी के साथ इस प्रकार की अमानवीय घटना ने बीजेपी सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाया है। दरअसल जिले के बस्ती रेलवे स्टेशन के पूर्वी तरफ शुगर मिल के पास स्थित रेल ट्रैक पर तीस साल के युवक की लाश पाई गई। पुलिस ने छानबीन की लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं की जा सकी। जीआरपी पुलिस ने पंचनामा करने के बाद लाश को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के लिए एम्बुलेंस की परवाह नहीं की। पुलिस ने इस अज्ञात लाश पर जूट का बोरा डाल एक रिक्शे पर लदवा दिया। रिक्शे पर लदी लाश स्टेशन से पोस्टमार्टम हाउस तक के आठ किलोमीटर की दूरी में रोडवेज होते हुए मालवीय रोड कंपनीबाग सिविल लाइन डीआईजी बंगले होते हुए डेढ़ घण्टे में पहुंची लेकिन किसी जिम्मेदार की नजर नही पड़ी। इस दौरान लाश का आधे से ज़्यादा हिस्सा दोनों तरफ रिक्शे से बाहर निकला रहा। झटका लगने पर लाश रिक्शे से नीचे न गिर पड़े इसके लिए रिक्शे पर लदे स्ट्रेचर के नीचे लगे स्टैंड के हिस्से को फंसा दिया।

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