सुनील उपाध्याय
बस्ती यूपी। बस्ती जिले में गुरु शिष्य के बीच के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ती जा रही है इसके जिम्मेदार चन्द लोग हैं जिनके भीतर दया और मानवता की भावना खत्म हो चुकी है। जी हां जो वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं उसमें गुरु का गुरुत्व कलंकित होता दिख रहा है क्योंकि सामने वाले मासूम बच्चे कुम्हार की मिट्टी की तरह है।
ताजा मामला बस्ती जिले के हर्रैया विकास खण्ड के खरथुआ प्राइमरी स्कूल का है जिसके खुलने का समय बदल गया क्योंकि अक्टूबर माह से अप्रैल तक कि टाइमिंग बदली रहती है। सुबह के साढ़े नौ बजे के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों के हाथ मे पेन के बजाय झाड़ू थमा दिया गया। निर्धारित समय पर स्कूल पंहुचे बच्चों को जब स्कूल खुला नहीं मिला तो बच्चे स्कूल के सामने वाली सड़क पर बैठ गए इसी बीच लक्जरी गाड़ी से आई प्रधानाध्यापिका ने बच्चों को स्कूल की चाभी पकड़ा दी और कमरों में झाड़ू लगाने का फरमान जारी कर दिया आप देख सकते हैं कि मासूम बच्चे किस तरह झाड़ू चला रहे हैं।
ऐसे में जब सुबह की प्रार्थना होनी चाहिये ऐसे में बच्चों के हाथ में झाड़ू देना न केवल इनकी बुरी मंशा को प्रदर्शित करता है कि कहीं न कहीं इन अध्यापकों के मन गरीब परिवार के बच्चों के प्रति न तो दया भावना है न ही इनके सुंदर भविष्य के निर्माण की चिंता। जबकि सरकार इन अधयापकों को इनके सम्मान के अनुरूप वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान करती है कि बिना किसी रुकावट और भेद भाव के अपने कर्तव्यों को अंजाम दे सकें।


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