अमरजीत सिंह
फैजाबाद। पटरंगा थाना क्षेत्र के जुनैदपुर में गत दिनों विधवा महिला से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस के द्वारा फर्जी मुकदमा दर्ज करने को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा कर दिया है। पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस उप महानिरीक्षक परिक्षेत्र फैजाबाद को शिकायती पत्र देकर फर्जी मुकदमा वापस लेने व आरोपी को जेल भेजने की मांग की है साथ ही थाने के एक रखूकदार दरोगा पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि गत 22 अक्टूबर की रात जुनैदपुर में अपने घर में बच्चों के साथ सो रही तहसीन बानो पत्नी स्व.फकीर मोहम्मद के घर में कूद कर गांव के ही ताहिर ने छेड़छाड़ की। महिला द्वारा हल्ला गुहार मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला और जाते समय महिला को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित महिला ने दूसरे दिन तहरीर थानाध्यक्ष पटरंगा को दिया मामले में तीन दिन तक स्थानीय पुलिस सोती रही है।मामला मीडिया के संज्ञान में आते ही पटरंगा पुलिस ने आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन पीड़ित महिला की तहरीर को दरकिनार करते हुए। पीड़ित महिला द्वारा उक्त अधिकारियो को दी गयी तहरीर में पटरंगा थानाध्यक्ष बिर्जेश सिंह आरोप लगाया है वह ताहिर से मोटी रकम लेकर हमारी भाभी व गांव के पड़ोसी लतीफ के खिलाफ फर्जी मुकदमा थानाध्यक्ष ने दर्ज कर दिया है।
साथ ही महिला ने बताया कि दंबग व मनबढ़ किस्म का अपराधी है। जिसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो चुकी है और पटरंगा थाने के हिस्ट्रीशीटर अपराधी में ताहिर का नाम भी दर्ज है। ताहिर से मोटी रकम वसूल कर पटरंगा थाना में तैनात उपनिरीक्षक आदिल द्वारा धमकी दी जा रही है।एक सवाल के जवाब में पीड़ित महिला ने बताया कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो मैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक फैजाबाद कार्यालय पर आत्महत्या कर लूंगी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो पटरंगा थाना में थानाध्यक्ष के कुछ कमाऊ पूत है। उपनिरीक्षक आदिल, सिपाही उमेश सिंह,दीवान गुरु प्रसाद, सिपाही शैलेन्द्र कुमार व सिपाही रोहित यादव थानाध्यक्ष के करीबी होने की व्यापक चर्चा है। उक्त पांचों पांडवों पर आरोप है कि उपनिरीक्षक आदिल व दीवान गुरु प्रसाद का स्थानांतरण लगभग तीन माह पूर्व हैदरगंज हुआ है। उमेश सिंह का लगभग पांच बार एलो जोन व शैलेन्द्र कुमार व रोहित यादव का राम जन्मभूमि ड्यूटी लगी लेकिन थानाध्यक्ष के करीबी होने व क्षेत्र में वसूली कराने के चक्कर में इन लोगों की रवानगी थाने से नहीं की जाती है।
सीओ रुदौली अमर सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है पीड़िता के तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है आरोपी द्वारा फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के बिषय पर बताया कि मुकदमा तो कोई भी दर्ज करा सकता है जांच कर कार्रवाई की जाएगी उपनिरीक्षक आदिल के द्वारा पीड़ित महिला को प्रमाणित करने व ट्रांसफर के बाद भी थाने पर बने रहने के बिषय में कहा कि ग़लत है अभी बात करते है।


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