अमरजीत सिंह
फैजाबाद। जिले की दोनों चीनी मिलों में पेराई कार्य पखवारे भर के भीतर प्रारंभ होगा। गन्ना विभाग ने 15 नवंबर से रौजागांव चीनी मिल व 20 नवंबर से मसौधा चीनी मिल में पेराई कार्य शुरू कराने का एलान किया है।प्री-कलेंडर आदि का वितरण करके तैयारियों को अंतिम रूप देने में इन दिनों महकमा जुटा हुआ है। विभाग के इस एलान से गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है।जिले में करीब 1935 गांव में करीब 90 हजार गन्ना किसान हैं। गतवर्ष की अपेक्षा इस वर्ष सर्वाधिक हेक्टेयर में किसानों ने गन्ना उत्पादन किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए गन्ना विभाग के दबाव पर जिले की चीनी मिलों ने पेराई सत्र शुभारंभ की घोषणा की है।इसको लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों व अन्य लोगों ने धरना-प्रदर्शन करके मिल संचालन की मांग की थी। रौजागांव चीनी मिल में 15 नवंबर से व केएम शुगर मिल्स लिमिटेड मसौधा में 20 नवंबर से पेराई कार्य शुरू किया जाएगा।इन दिनों चीनी मिल व विभाग की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मिल संचालन के एक दिन पूर्व ही इन केंद्रों पर गन्ना खरीद प्रारंभ की जाएगी।इस बार पर्ची सिस्टम में परिवर्तन करते हुए शासन की ओर से पर्ची छापने का अधिकार चीनी मिलों से छीनते हुए समिति को दिया गया है। सट्टा फीडिंग के उपरांत प्री-कलेंडर पूर्व में ही किसानों को वितरित कर दिया गया है।इन दिनों सट्टा संशोधन का कार्य प्रगति पर है। समितियों पर मेला लगाकर आवेदन लिए जा रहे हैं। जिसे दुरुस्त करते हुए प्रत्येक दशा में दस नवंबर तक फाइनल कलेंडर वितरित करने की तैयारी है।सबसे बड़ी समस्या इस बार पर्ची की छपाई करके वितरण कराने में सामने आ रही है।
नई व्यवस्था को अंतिम रूप प्रदान करने में विभाग को भी पसीने छूट रहे हैं। मिल चलने के तीन दिन पूर्व पर्ची वितरण का दावा किया जा रहा है।पूर्व के पेराई सत्रों में जारी होने वाली पर्ची के समय से किसानों को न मिलने से किसानों को भारी परेशानी होती थी। पर्ची फिर जनरेट कराने के लिए किसानों को समिति व चीनी मिल के चक्कर लगाने पड़ते थे।इससे निजात के लिए इस बार शासन ने नया प्रयोग किया है।
इस बार कागज की पर्ची के अलावा एसएमएस पर्ची भी जारी की जाएगी। किसी आईडी के साथ संबंधित एसएमएस दिखाने पर गन्ने की तौल हो जाएगी।जिला गन्ना अधिकारी फैजाबाद अरविंद प्रकाश सिंह ने बताया कि 15 नवंबर से रौजागांव व 20 नवंबर को मसौधा चीनी मिल में पेराई कार्य शुरू होगा।चीनी मिलों को यार्ड में पेयजल, शेड, जानवरों की व्यवस्था, कैंटीन आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। 10 नवंबर तक अंतिम कलेंडर बन जाएगा, उसी के अनुरूप पर्ची जारी की जाएगी।


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