एसपी व सीओ ने किया दौरा, मुख्य हत्यारोपी को अतिशीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश
हमलावर के घर के सामने से निकलना बनी घटना की वजह
ए. आर. उस्मानी / सुरेश तिवारी
गोण्डा। मोतीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में करीब 25 वर्षीय एक युवक को सरेशाम गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। इस घटना से गांव के लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने हमलावरों को घेर लिया, तब जान बचाने की गरज से हमलावर ने खुद डायल 100 से गुहार लगाई। सूचना पाकर तत्परता दिखाते हुए डायल 100 पीआरवी 0878 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, तो उसे भी जनाक्रोश का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद डायल 100 ने आरोपी को बचाकर थाने की पुलिस को सौंप दिया। इस दुस्साहसिक वारदात से इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। मृतक के परिजन अपनी सुरक्षा को लेकर दहशतजदा हैं।
खबर के मुताबिक गुरूवार की शाम को जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक 25 वर्षीय युवक को मामूली बात को लेकर कुछ लोगों ने गोली मार दी। सनसनीखेज हत्या की यह घटना मोतीगंज थाना अन्तर्गत ग्राम पंचायत भोरहा के मुराही घाट भट्ठा गांव की है। वहां के अरविंद चौहान पुत्र राम शरण चौहान शाम को अपना धान ठेलिया से अपने घर ले जा रहा था।
जब वह गांव के ही उदयभान शुक्ला के घर के सामने से गुजर रहा था, तो उदयभान ने उसे अपने घर के सामने से ठेलिया ले जाने से मना किया, लेकिन अरविंद ने मानने से इंकार करते हुए कहा कि सब लोग इधर से जाते हैं, इसलिए मैं भी जाऊंगा। बताते हैं कि दोनों बीच मामूली बात को लेकर शुरू हुई कहासुनी गाली गलौज तक पहुंच गई। बात बढ़ जाने से अरविंद को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना से इलाके मेंसनसनी फैल गई और लोगों में काफी आक्रोश पैदा हो गया। लोग विरोध में खड़े हो गये। लोगों में काफी गुस्सा पैदा हो गया और हमलावरों को लोगों ने घेर लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावर ने असलहे की नोक पर लोगों को आगे बढ़ने से रोके रखा और उसने मोबाइल से डायल 100 को फोन कर दिया ताकि लोगों से उसकी जान बच जाए। सूचना पाते ही डायल 100 पीआरवी 0878 टीम के उपनिरीक्षक नागेन्द्र सिंह, आरक्षी विजय यादव, चालक सीडी तिवारी ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर हत्यारोपी को असलहा व कारतूस के साथ अपने कब्जे में ले लिया।
हालांकि डायल 100 टीम को भी हत्या से आक्रोशित लोगों की भारी नाराजगी का सामना करना पड़ा। टीम ने एक आरोपी उदयभान शुक्ला पुत्र अमिरका को पकड़ा और बड़ी मुश्किल से उसे सीट के नीचे छुपाकर किसी तरह थाने तक पहुंचाया।
सूत्रों ने बताया कि टीम की गाड़ी आरोपी को भीड़ से बचाने के चक्कर में एक बार गड्ढे में जा गिरी, जिसे चालक की सूझबूझ से पलटने से बचाया गया और हत्यारोपी को काफी जद्दोजहद के बाद थाने तक सकुशल लाने में सफलता मिल सकी।
थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज ने बताया कि गिरफ्तार किए गए हत्या के आरोपी के पास से 315 बोर का एक तमंचा, एक जीवित कारतूस व एक खोखा बरामद किया गया है। मृतक अरविंद चौहान के पिता राम शरण चौहान ने उसी गांव के उदयभान शुक्ला व हरि भान शुक्ला पुत्रगण अमिरका के खिलाफ धारा- 302 व 504 आईपीसी के तहत थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सूचना पाते ही सीओ मनकापुर भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनों से घटना की जानकारी हासिल की। इस बीच पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह भी थाने पर पहुंचे और उन्होंने थानाध्यक्ष को मुख्य आरोपी की अतिशीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
...जब आक्रोशित ग्रामीणों ने रोक दी थानाध्यक्ष की गाड़ी
सरेशाम हुई हत्या की इस सनसनीखेज घटना के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज को भी ग्रामीणों ने काफी बुरा भला कहा और लाश ले जाने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि आरोपी को हमारे हवाले करो, तब लाश ले जाने देंगे। थानाध्यक्ष को घटना से उत्पन्न विषम परिस्थितियों को सामान्य करने में नाको चने चबाने पड़े।
बताते हैं कि पूर्व विधायक रामपाल सिंह के पुत्र डब्बू सिंह और थानाध्यक्ष के बीच काफी नोकझोंक हुई। कुछ स्थानीय लोगों तथा कुछ सिपाहियों के काफी सूझ-बूझ व मेहनत से आक्रोशित लोगों को शांत कराया जा सका, तब जाकर पुलिस लाश को थाने पर लाने में कामयाब हो सकी।


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