सुनील उपाध्याय
बस्ती । प्रदेश सरकार द्वारा मरीजों को तत्काल सेवा सहायता देने की योजना की शुरुवात की गई थी। ताकि कोई भी घायल बीमार ईलाज और एम्बुलेंस के अभाव मे दम न तोडे मगर योगी सरकार मे सरकारी एंबुलेस की हालत बेहद नाजुक हो चुकी है। जैसे तैसे एंबुलेस को जबरदस्ती चलाया जा रहा है।
बस्ती जिले में एम्बुलेंस के खराब होने का ताजा मामला सामने आया है इसका खुलासा तब हुआ जब मौके पर पहुँची एम्बुलेन्स मरीज को अस्पताल पहुचाने के बजाय खुद ही धक्का प्लेट हो गयी। मामला जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र के राम जानकी मार्ग का है। जहाँ बाइक सवार मार्ग दुर्घटना में घायल हो गया तभी वहां से गुजर रहे युवक राजेश यादव ने घायल को देखकर अपना वाहन रोका और तुरंत 108 नंबर पर फोन कर सहायता मांगी।
20 मिनट इंतजार करने बाद एबुंलेस मौके पर पहुंची और घायल को एबुंलेस मे लाद कर प्राथमिक उपचार शुरु किया थोड़ी देर बाद जैसे ही ड्राईवर एंबुलेस को चालू करना चाहा तो वह स्टार्ट ही नही हुई। काफी प्रयास के बाद भी एबुंलेस चालू नही हुई तो वहां एंबुलेस को मदद के लिये बुलाने वाले लोगो ने ही एबुलेंस को धक्का लगाया।
देर होता देख मौजूद लोगों ने दूसरे साधन से घायल को अस्पताल पहुँचाया। वहीं जब इस मामले को लेकर जब हमने सीएमओ जेएलएम कुशवाहा ने बात करनी चाही तो उन्होंने शहर से बाहर होने की बात कही। एंबुलेस की तस्वीरे जिले के प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री के लिये ढेरो सवाल खडा करती हैं।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ