सुनील उपाध्याय
बस्ती। बस्ती जिले में श्रम कानूनों को जिम्मेदारों के उदासीन रवैये के चलते जमकर ठेंगा दिखाया जा रहा है। विभागीय जिम्मेदार कभी कभार कार्यवाही का दिखावा कर इति श्री कर लेते है। ताजा मामला गौर ब्लॉक के ग्राम पंचायत का है जहां ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा नाबालिक बच्चों से मनरेगा के तहत काम कार्य जा रहा है ।
जबकी उसका नाम जॉबकार्ड तक मे नहीं । लेकिन जिम्मेदार कुम्भकर्णी नीद में सो रहे है। तो फिर नियमो की धज्जियां उड़नी जायज ही है ।
वहीं दूसरा मामला एक भट्टे का है जहां नाबालिक को भट्टे मालिक ने ट्रैक्टर की स्टेरिंग तक थमा दी । वही अन्य नाबालिक बच्चो को ईंट भट्टे पर लगाकर ईंट उतारने जैसे जोखिम कामों में लगा दिया गया है । लेकिन जिम्मेदार है कि कुम्भकर्णी नींद से उठने का नाम तक नहीं ले रहे है।
जब कभी बड़ी घटनाएं हो जाती है तो ठेकेदारों की दोषी ठहराकर जिम्मेदार अपना पलड़ा झाड़ लेते है । सबसे बड़ा सवाल है तो यही की जिन हाथों में किताब होनी चाहिए उन हाथों में उनके ही जन्मदाताओं ने काम पर लगा दिया है । इन मामलों में कहीं न कहीं ऐसे मामलों में मातापिता के साथ साथ समाज के जिम्मेदार भी मुख्य कारण है । ऐसे बच्चे स्कूल जाएँ इसके लिए समाज के सभी लोगों को आगे आना चाहिए ।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ