राजकुमार शर्मा
बहराईच :-सीमावर्ती विकाशखण्ड नवाबगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्रामपंचायत जैतापुर भ्रस्ट ग्राम प्रधान की जाँच करने आए जांच अधिकारी खानापूर्ति कर प्रदेश सरकार की मंशा पर पानी फेरते हुए दिखे । पिछली सरकार में भी प्रभावी रहा ग्राम प्रधान भाजपा में भी भ्रस्टाचार्य के बल बुते फलने फूलने के साथ भाजपा सरकार को ढेंगा रहे है।
गौरतलब हो कि आज ग्रामपंचायत जैतापुर में निलंबित ग्राम्प्रधान के विरुद्ध जिला अधिकारी महोदय द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति की गई थी । जो आज लगभग एक घण्टे में ही जांच कर वापस हो गए। मौके पर पहुँचे जांच अधिकारी ने 2:30 बजे जांच करने पहुँचे परंतु एक घण्टे में ही 3:30 बजे स्थलीय निरीक्षण कर वापस हो गए। इससे साफ प्रतीत होता है कि ग्राम प्रधान द्वारा जांच अधिकारियों को अपने पछ में पूर्व में ही संतुष्ट कर लिया गया है। वही शिकायत कर्ता का आरोप है कि इसकी सूचना पूर्व से ही थी। वास्तविक रूप से मौके पर भारी संख्या में ग्रामप्रधान ने अपने लोगो को जांच प्रभावित करने हेतु इकठ्ठा कर रखा था।
शिकायतकर्ता ने जानकारी दी कि जब मुझे यह पता लगा कि जांच अधिकारी ग्राम पंचायत में जाँच करने हेतू उपस्थिति है तो शिकायत कर्ता ने जांच अधिकारी का सहयोग करने हेतु संपर्क करना चाहा तो ग्राम प्रधान के लोगो ने शिकायत कर्ता से अभद्रता करने की ।एन केन प्रकरेण शिकायत कर्ता जाँच अधिकारियों के निवेदन करने लगा। जिसपर जांच अधिकारियों द्वारा शिकायत कर्ता को जानकारी दी गईं कि यह गोपनीय है।
परंतु प्रधान के सहयोगियों की भीड़ को देखते हुए जाँच कही से भी गोपनीय प्रतीत नही हो रही थी। इस पर प्रकरण में देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जाँच कर रहे अधिकारी एवं निलंबित प्रधान में कुछ घालमेल हो चुका है। इससे पूरी जांच निष्पक्ष हो पाना संभव प्रतीत नही होता। यदि ऐसा हुआ तो डी एम साहिबा की स्वच्छ और निष्पक्ष छबि को धक्का लगना संभव दिखता है।
मालूम हो कि इससे पूर्व में शिकायत कर्ता ने 125 शौचालय ,शमशान घाट वालबाउंड्री,व टिन सेड में ग्रामप्रधान द्वारा वित्तीय अनियमितता बरते जाने की शिकायत की गई थी। जिसमे जिला अधिकारी द्वारा प्राथमिक जांच कराने पर त्रुटि मिलने के कारण निलंबित किया गया था। तत्पचात तीन सदस्यीय समिति का गठन करने का आदेश भी दिया गया था। जिसकी पुष्टि अभी तक ब्लॉक अधिकारियों ने नही की। प्राप्त जानकारी अनुसार भ्रस्ट प्रधान ने अपने दो पंच वर्षिय कार्य कलम अब तक ग्राम पंचायत में कोई भी राज्य वित्त व चौदहवाँ वित्त के तहत कार्य नही किये। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान ने कागज की खाना पूर्ति कर ब्लॉक अधिकारियों की मदद से सरकारी धन का बंदर बाट ही अब तक किया है।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ