अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस यू (एफबीयू) के आवाहन पर आज राष्ट्रीय स्तर पर एक दिवसीय हड़ताल व धरना प्रदर्शन बैंक कर्मियों द्वारा किया गया । हड़ताल में सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारियों ने भाग लिया । जनपद के 19 राष्ट्रीयकृत बैंकों के 141 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा ।साथ ही तीन निजी बैंकों के सभी शाखाओं में कामकाज नहीं हुआ । बैंकों में कामकाज ठप होने के कारण अकेले बलरामपुर में लगभग 100 करोड़ से ऊपर कैश की लेनदेन का कार्य प्रभावित हुआ । इसके अलावा करोड़ों के अन्य कार्य भी प्रभावित हुए हैं ।
यूनियन के नेता डीपी शर्मा ने बताया की केंद्र की मोदी सरकार बैंकों के साथ उपेक्षा पूर्ण व्यवहार अपना रही है । वर्ष 2017 से अभी तक वेतन पर समझौता कर लागू नहीं किया गया है ।इसके साथ ही बैंकों का अधिग्रहण कर उन्हें मर्ज किया जा रहा है जिसका यूनियन पुरजोर विरोध कर रहा है । हम किसी भी दशा में बैंकों का निजीकरण नहीं होने देंगे । सरकार का जो तर्क है वह पूर्णतया निराधार है । सरकार के कोई भी योजनाएं बगैर बैंक के सहयोग से संपादित नहीं की जा सकती हैं । बैंक ही सरकार की तमाम योजनाओं को संचालित करता है ।
इसके बावजूद सरकार बैंकों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रही है जिसके कारण बैंक कर्मियों में असंतोष व्याप्त हो रहा है और कहीं ना कहीं यह आगे चलकर एक बड़ा आंदोलन का रूप भी ले सकता है । उन्होंने सरकार को आगाह किया कि यदि उनके प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा ना किया गया तो जनवरी में तीन दिवसीय हड़ताल किया जाएगा और उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल भी हो सकता है । यूनियन की प्रमुख मांगों में बैंकों के मर्जर प्रक्रिया को तत्काल बंद करने, बड़े बकायेदारों की वसूली सुनिश्चित करने तथा 2017 से लंबित वेतन समझौते को लागू करने की मांग प्रमुख है ।
उन्होंने यह भी कहा कि बैंक की हड़ताल से उपभोक्ताओं को जो समस्याएं उत्पन्न होती हैं उसके लिए हम सभी पहले ही क्षमा मांग चुके हैं और एक बार पुनः उपभोक्ताओं से इसके लिए फिर से क्षमा प्रार्थी हैं । उन्होंने कहा कि हम लोग हड़ताल के दिनों का वेतन नहीं लेते हैं जिससे पूरे देश के 10 लाख से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों का 2 अरब से अधिक का वेतन राशि सरकार के खाते में जाता है । बैंक का कोई भी कर्मचारी बगैर काम किए वेतन नहीं ले रहा है । इसीलिए हड़ताल के दिनों का वेतन भी हम लोग नहीं लेते हैं ।
धरना प्रदर्शन स्टेट बैंक आफ इंडिया से शुरू हुआ जो चलते हुए वीर विनय चौराहा, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखाओं से होता हुआ वापस वीर विनय चौराहा स्थित एसबीआई के सामने समाप्त हुआ । धरना प्रदर्शन में यूनियन के प्रतिनिधि संजय शुक्ला वकील यादव आनंद उपमन्यु व एनआर बिश्नोई सहित कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को घेरा तथा चेतावनी दी की मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए यदि सरकार यूनियन की मांग को पूरा करने में हिला हवाली करेगी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी किया जाएगा । धरना प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों बैंक कर्मी सम्मिलित हुए ।



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